सीतापुर। आंधी-बारिश के बाद जिले के 765 गांवों में शुक्रवार को छह दिन बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। लगातार बिजली गुल रहने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सबसे अधिक परेशानी पेयजल को लेकर है। बिजली न होने से घरों में लगे मोटर व नलकूप नहीं चल पा रहे हैं।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से मोबाइल फोन भी डिस्चार्ज हो गए हैं। कई गांवों में नेटवर्क प्रभावित होने से लोगों का एक-दूसरे से संपर्क करना मुश्किल हो रहा है। चार्जिंग की सुविधा नहीं मिलने से ई-रिक्शा भी खड़े हैं। इससे चालकों की रोजाना की कमाई प्रभावित हो रही है। बिजली पर निर्भर छोटे कारोबार भी ठप हैं।
राकेश, उमेश, हर्ष, मोहन व उदित ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन छह दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। कई स्थानों पर आंधी में टूटे पोल अब भी जमीन पर पड़े हैं। लाइनें क्षतिग्रस्त हैं और कई जगह तार टूटे हुए हैं।
मयंक, उपेंद्र व राहुल ने बताया कि मरम्मत कार्य धीमा होने से बिजली बहाली में देरी हो रही है। रेउसा, रामपुर मथुरा, बिसवां और महमूदाबाद में समस्या अधिक है। वहीं पिसावां, मिश्रिख, नैमिषारण्य, हरगांव व इमलिया सुल्तानपुर के करीब 500 गांवों में पांच दिन बाद शुक्रवार को बिजली बहाल हो गई।