सीतापुर। कोविड से मम्मी-पापा संक्रमित हो गए थे। परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा था। इसी वजह से पढ़ाई पर अधिक ध्यान नहीं दे सका हूं। गुरुजी, आप पिता तुल्य हैं अपने लड़के के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्लीज पास कर देना। कुछ इस तरह की अपील विद्यार्थियों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं में लिखी है। परीक्षक इन अपीलों को देखकर हैरान हैं, लेकिन वह उतने ही नंबर दे रहे है जितने विद्यार्थियों ने सवालों के जवाब दिए है।
यूपी बोर्ड की इस समय उत्तर पुस्तिकाओं का पांच केंद्रों पर मूल्यांकन चल रहा है। हाईस्कूल की तीन व दो केंद्रों पर इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाएं जांची जा रही है। जीआईसी केंद्र के एक परीक्षक ने बताया कि इंटरमीडिएट के एक विद्यार्थी ने बहुत ही मार्मिक अपील लिखी है। विद्यार्थी ने अपने माता-पिता को कोविड से संक्रमित होने की बात लिखकर पास करने की अपील की है। जबकि विद्यार्थी ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं में इतने कम सवालों के जवाब लिखे है कि वह पास नहीं हो सकता है। एक पन्ना सिर्फ अपील में लिख दिया।
इसी तरह आरएमपी इंटर कॉलेज के एक परीक्षक ने बताया कि एक इंटर के विद्यार्थी ने लिखा है कि वह डॉक्टर बनना चाहता था। लेकिन पापा उसे सिविल सेवा में देखना चाहते है। इसकी वजह से उसने जीव विज्ञान को छोड़कर गणित की पढ़ाई की। पापा की इच्छा की खातिर गणित पढ़ी जरूर लेकिन वह समझ में नहीं आई। इससे कम नंबर हो जाएंगे। गुरुजी आप पास जरूर कर दीजिएगा।
अगर फेल हो गए तो पिताजी को गहरा आघात पहुंचेगा। आप एक पिता का दर्द भलीभांति समझ सकते हैं। इसलिए मेरी कम मेहनत को आप नकार करके एक पिता की हैसियत से मूल्यांकन कर दीजिए, जिससे बेहतर अंक हासिल हो सके। इसी तरह तमाम अपीलें बच्चे अपनी उत्तर पुस्तिकाओं में लिखकर पास होने की अपील कर रहे हैं लेकिन इन अपीलों को परीक्षकों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।