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रायफल क्लब के पास बनेगा ‘वन स्टॉप सेंटर’

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सीतापुर। दुष्कर्म, छेड़खानी और अगवा जैसी वारदातों से पीड़ित किशोरियों, युवतियों व महिलाओं के लिए सरकार ने कदम उठाया है। ऐसी पीड़िताओं को अब मेडिकल, बयान और जांच पड़ताल के नाम पर मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इनके लिए अब जिला मुख्यालय पर ‘वन स्टॉप सेंटर’ बनेगा।
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जिसमें पीड़िताओं को ठहराया जाएगा। यह सेंटर एक तरह से थाने के रूप में काम करेगा। यहां का स्टाफ महिलाओं का होगा। सेंटर बनाने के लिए रायफल क्लब के पास पड़ी नजूल की जमीन को पास किया गया है। सेंटर में पीड़िताओं को पांच दिन रोका जाएगा। उनका मेडिकल, कोर्ट में बयान, एक्स-रे आदि होने के बाद उन्हें कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।
इस बीच ये पांच दिन सेंटर में ही ठहरेंगी। इन पांच दिनों के लिए पीड़ितों को खाने, पीने, ठहरने आदि की पूरी सुविधा उपलब्ध रहेगी। जिला प्रशासन ने भवन निर्माण के लिए जमीन देख ली है। सेंटर बनाने के लिए रायफल क्लब के पास पड़ी नजूल की जमीन को पास किया गया है।
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अब नजूल विभाग ने शासन को इस जमीन को वन स्टाप सेंटर के नाम से आवंटित करने के लिए प्रस्ताव भेजा है। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद निर्माण काम शुरू होगा। इसके लिए शासन से धनराशि भी आवंटित हो गई है। एएसपी महेंद्र प्रताप चौहान व जिला प्रोवेशन अधिकारी अश्वनी कुमार ने बताया कि जमीन मिलते ही जल्द वन स्टॉप सेंटर निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा।
महिला अस्पताल में बनेगा अस्थायी सेंटर
जब तक शासन से जमीन नहीं मिलती, तब तक पीड़िताओं को ठहराने के लिए जिला महिला अस्पताल में अस्थायी वन स्टाप सेंटर तैयार कराया जा रहा है।
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस सुषमा कर्णवाल ने अस्पताल में इसके लिए भवन दे दिया है। एएसपी व जिला प्रोवेशन अधिकारी ने बताया कि महिला अस्पताल में 15 दिनों में सेंटर शुरू करा दिया जाएगा।
महिला बाल विकास विभाग ले रहा पल-पल की जानकारी
जिले में वन स्टाप सेंटर निर्माण को लेकर महिला बाल विकास विभाग पल-पल की जानकारी ले रहा है। दरअसल उच्चतम न्यायालय का आदेश था कि पीड़िताओं को थाने में नहीं रखा जाएगा।
इसको लेकर केंद्र सरकार ने हर जिले में वन स्टाप सेंटर का निर्णय लिया था। इसी के तहत सीतापुर में वन स्टाप सेंटर बनना है।
इसके निर्माण को लेकर पिछले दिनों महिला बाल विकास विभाग के सचिव स्तर के अफसर ने जिले के आला अधिकारियों संग वीडियो कांफ्रेंसिंग की थी। जिसमें एसपी, एएसपी व जिला प्रोवेशन अधिकारी को दिशा निर्देश दिए गए थे।
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