सीतापुर। सिधौली वन रेंज के अधिकारियाें ने बृहस्पतिवार भोर दहावा गांव स्थित झील में संरक्षित प्रजाति के पक्षियों के शिकार की सूचना पर दबिश दी। इस दौरान रामपुर कलां थाना क्षेत्र के एक युवक को पक्षियों का शिकार करते हुए पकड़ा गया। जबकि उसके चार साथी मौके से भाग गए। पकड़े गए आरोपी के पास से संरक्षित प्रजाति के काॅमन टील, व्हाइट टेल्ड लैपलिंग, ग्रे हैंडिड लैपलिंग व रेड वेटेल्ड लैपलिंग पक्षी बरामद हुए हैं। इस मामले में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज करा दिया गया है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी बिसवां विकास यादव ने बताया कि बुधवार शाम को दहावा गांव की झील में संरक्षित प्रजाति के पक्षियों के शिकार करने की सूचना मिली थी। इस झील में काॅमन टील भी प्रवास हैं। इन्हें यूरेशियन टील भी कहते हैं। इसके अलावा झील में कई अन्य संरक्षित प्रजाति के पक्षी भी निवास करते हैं।
सूचना मिली थी कि कुछ लोग चोरी-छिपे संरक्षित पक्षियों का शिकार करते हैं। शिकारियों को पकड़ने के लिए बृहस्पतिवार सुबह 6 बजे टीम ने दबिश दी। इस दौरान रामपुर कलां थाना क्षेत्र के महोली गांव निवासी रामू को पकड़ा गया। वहीं, उसके चार साथी मौके से भागने में सफल रहे। आरोपी रामू के पास से संरक्षित प्रजाति के चार पक्षी बरामद हुए हैं। इनमें काॅमन टील, व्हाइट टेल्ड लैपलिंग, ग्रे हैंडिड लैपलिंग व रेड वेटेल्ड लैपलिंग शामिल हैं।
शिकार के बाद पंजे मोड़कर झोले में था रखा
उप प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि आरोपी के पास से बरामद पक्षी वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत अनुसूची-2 में सूचीबद्ध हैं। शिकारियों ने पक्षियों का शिकार कर उनके पंजों को मोड़कर झोले में रखा था। आरोपी के पास से जाल व दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। अभियुक्तों के विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत केस दर्ज किया गया है। बरामद पक्षियों को विभाग ने अपनी अभिरक्षा में रखा है। प्रभारी निरीक्षक बलवंत शाही ने बताया कि दबिश के दौरान भागे दो आरोपियों के मोबाइल झील के पास से बरामद हुए हैं। चारों की तलाश की जा रही है।