मोहल्ला कोर्ट में लईक अहमद के घर से बरामद हुआ कलर। - संवाद
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सीतापुर। रोकथाम की कार्यवाही न होने से जिले में मिलावट का धंधा फिर जोर पकड़ने लगा है। इसके चलते ही केमिकल व रंगों से बनी चाय की पत्ती को तैयार कर बाजार में खपाया जा रहा है। इसकी शिकायत पर खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने पुराने सीतापुर इलाके में एक घर में छापा मार कर केमिकल व कृत्रिम रंग को मिलाकर तैयार की जा रही मिलावटी चाय की पत्ती को पकड़ा। मौके से टीम ने 2.75 लाख कीमत की 125 किलोग्राम चाय की पत्ती व 30 किलो केमिकल वाले रंग सीज कर इसके तीन नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला को भेजे हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम को जिले में केमिकल के सहारे मिलावटी चाय की पत्ती बनाकर बाजार में बेचने की शिकायत मिली थी। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव, एफएसओ अजय कुमार, राजेंद्र प्रसाद व संजय कुमार त्रिपाठी की टीम ने पुराने सीतापुर के एक आवास पर गुरुवार को पुलिस फोर्स के साथ मिलकर छापा मारा।
मौके से केमिकल पदार्थों से तैयार सवा क्विंटल चाय की चाय की पत्ती की खेप को पकड़ा। जांच टीम ने मौके से मिली चाय की पत्ती के दो व अपमिश्रण रंग का एक नमूना भी सीज कर लैब जांच को भेजा। अब आगे की कार्रवाई लैब रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।
बहराइच से मिला था इनपुट
सीतापुर के पुराने सीतापुर में बनाई जा रही नकली चाय की पत्ती का कनेक्शन जनपद बहराइच से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। सीएफएसओ ने बताया कि बीते दिनों बहराइच में चाय की पत्ती बरामद हुई थी। पूछतांछ के दौरान सामने आया था कि यह मिलावटी चाय सीतापुर से तैयार कर सप्लाई हुई थी। गुपचुप जांच पड़ताल में सामने आया कि केमिकल से मिलावटी चाय पत्ती बनाने का धंधा पुराने सीतापुर इलाके के एक मकान से संचालित हो रहा है।