इंदिरा आवास आवंटित करने के लिए ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी बीस हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। गरीबों के लिए संचालित योजना में धन उगाही से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है।
खफा ग्रामीणों में डीएम, मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर मामले की जांच व कार्रवाई की मांग के साथ पारदर्शिता से आवास आवंटन कराने की गुहार लगाई है। मामला विकास खंड सकरन की ग्राम पंचायत सौंया कला का है।
केंद्र सरकार ने गरीब बेघरों को पक्का मकान उपलब्ध कराने को इंदिरा आवास योजना चला रखी है। योजना में गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वालों को एक कमरा व बरामदा बनवाने के लिए 70 हजार रुपये का अनुदान मिलता है।
योजना का लाभ बीपीएल श्रेणी वाले गरीबों को ही मिलता है। बीपीएल श्रेणी में वह लोग आते हैं, जिनकी सालाना आय 19 हजार 884 रुपये मानी जाती है। ब्लॉक सकरन की ग्राम सभा सरैंया कला के ग्रामीण राम प्रसाद, नत्थराम, नंदरानी, राम नरेश, बैंजती, हरद्वारी का आरोप है कि प्रधान व सेक्रेटरी आवास आवंटन के एवज में बीस हजार रुपये मांग रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर रुपये होते तो सरकारी कॉलोनी पाने का इंतजार क्यों करते। ग्रामीण कंधई, नंदलाल, सुंदरा, राम औतार, हरेश, परमेश्वर के मुताबिक इंदिरा आवास के लिए 70 हजार रुपये सरकार देती हैं। उसमें से 20 हजार घूस दे देंगे तो कॉलोनी बन ही नहीं पाएगी।
जबकि प्रधान व सेक्रेटरी बगैर रुपये लिए आवास आवंटित नहीं कर रहे हैं। इन लोगों ने डीएम, मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के पास न्याय की आस में शिकायती पत्र भेजा है।