फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सात संस्कृत विद्यालयों में शिक्षक ही नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
सीतापुर। जिले के संस्कृत विद्यालय (प्रथमा से उत्तमा यानी कक्षा 6 से 12वीं तक) अपना अस्तित्व बचाने के लिए जूझ रहे है। शिक्षकों की कमी से दिक्कत बनी हुई है। इन कॉलेजों में पहले से कार्यरत 42 शिक्षकों में महज 10 शिक्षक ही बचे हैं। सात कॉलेजों में शिक्षक ही नहीं हैं।
विज्ञापन

ऐसे में दूसरे विद्यालय के शिक्षकों के जरिये केवल रस्मअदायगी के लिए ताला खुलवाया जा रहा है। इससे पढ़ाई बेपटरी हो चुकी है। प्रदेश सरकार संस्कृत विद्यालयों की अनदेखी कर रही है। इन कॉलेजों में बंद हुई शिक्षक भर्ती व लगातार सेवानिवृत्त होते शिक्षकों से कॉलेजों की हालत खराब हो गई है। जिले में 13 कॉलेज संचालित है।
इनमें 500 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे है। इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 42 शिक्षक कार्यरत थे। लेकिन पिछले 10 सालों में शिक्षक सेवानिवृत्त होते गए। खाली होते पद पर भर्ती न होने से लगातार संकट गहराता गया। हाल यह है सात कॉलेज शिक्षक विहीन हो गए।
विज्ञापन

इन कॉलेजों में बच्चों को पढ़ाने वाले जब शिक्षक नहीं बचे, तो विद्यार्थियों का भी कॉलेज की तरफ से मोहभंग हुआ। इस पर विभाग ने दूसरे कॉलेज के शिक्षक को अटैच कर ताला खुलवाया। लेकिन शिक्षकों की कमी शिक्षा में सुधार नहीं कर सकी। इधर भाजपा सरकार केंद्र व राज्य में सत्ता में आने के बाद संस्कृत कॉलेजो के उत्थान की उम्मीद की जा रही थी।
लेकिन वह भी धूमिल हो गई। इन कॉलेजों की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया गया। इन कॉलेजों में न तो सुविधाएं बढ़ाई गई, न ही शिक्षकों की तैनाती की गई। इससे यह कॉलेज अपना वजूद बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं।
इन स्कूलों में तैनात शिक्षक
अनंत श्री वासुदेव संस्कृत महाविद्यालय में एक, वेदव्यास संस्कृत महाविद्यालय में तीन, राजेंद्र पुरी संस्कृत महाविद्यालय में दो, जनता संस्कृत महाविद्यालय धनपुरिया में एक, गंगादेवी संस्कृत महाविद्यालय इंद्रौली में एक शिक्षक व एक प्रधानाचार्य, रामलाल संस्कृत महाविद्यालय सरौरा एक शिक्षक की तैनाती है।
शिक्षक विहीन विद्यालय
जवाहर सिंह संस्कृत महाविद्यालय कमलापुर, ललिता देवी ऋषिकुल कॉलेज, बागेश्वर संस्कृत महाविद्यालय बगचन, संस्कृत आदर्श महाविद्यालय खैराबाद, केन यूनियन महाविद्यालय हरगांव, सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय बिसवां, मोहनदास गुरुकुल संस्कृत महाविद्यालय गोपालघाट।
20 तक करें आवेदन
अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में मानदेय पर सेवानिवृत्त शिक्षक रखे जाएंगे। ऐसे शिक्षक जिनकी उम्र 70 साल से कम हो, वे 20 जुलाई तक आवेदन कर सकते है। इसके बदले 15 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। इससे शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लाई जाएगी।
विज्ञापन

- नरेंद्र शर्मा, डीआईओएस
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें