सीतापुर। 2.55 एकड़ में जल्द ही नैमिष हाट आकार लेने जा रहा है। इसमें एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत चयनित दरी उत्पादों की बिक्री जाएगी। साथ ही गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएंगे। हाट में हरियाली विकसित की जाएगी। डीपीआर तैयार कर ली गई है।
डीपीआर के अनुसार मां ललिता देवी मंदिर के पास 2.55 एकड़ यानि 10 हजार 388 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में इसे विकसित किया जाएगा। इसे दो भागों में विकसित करने की योजना है। ग्राउंड फ्लोर प्लान और रूफ प्लान तैयार किया गया है। इसमें प्रवेश व निकासी के लिए एक-एक द्वार बनाया जाएगा। 100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में कियास्क व लॉकर सुविधा रहेगी। इस परिसर में 445 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में 120 सीटर रेस्टोरेंट होगा। करीब 815 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में 32 क्रॉफ्ट शॉप का निर्माण होगा। इसमें एक जनपद एक उत्पाद के तहत दरी, स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद व अन्य उत्पादों की बिक्री की जाएगी। परिसर में करीब 672 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में खाद्य पदार्थों की बिक्री के लिए 20 आउटलेट होंगे। इन आउटलेट्स में एक जनपद एक व्यंजन योजना के तहत प्रस्तावित हनुमानगढ़ी के लड्डू की बिक्री की जाएगी। शौचालय व पेयजल आदि की व्यवस्था रहेगी।
विक्टोरिया लाइटों से जगमगाएगा परिसर
नैमिष हाट में पेडेस्ट्रीयन स्ट्रीट बनाई जाएगी। इस पर विक्टोरिया लाइटें लगाई जाएंगी। जो इस परिसर की भव्यता में चार चांद लगाएंगी। परिसर में हरियाली काे इस प्रकार से विकसित किया जाएगा कि श्रद्धालु पेड़ की छांव के नीचे आराम से बैठ सकें। पेड़ के चारों ओर गोल चबूतरा बनाकर बैठने की व्यवस्था होगी।
नैमिषारण्य में आकार ले रहीं बेहतर परियोजनाएं
नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद के तहत कई विकास परियोजनाएं आकार ले रही हैं। यह प्रस्ताव उन्हीं एक परियोजनाओं में से एक है। नैमिषारण्य हाॅट जिले के ओडीओपी उत्पादों को श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हाॅट में श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
डॉ. राजा गणपति आर, जिलाधिकारी, सीतापुर