सीतापुर। क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले सभी छह आरोपी साइबर ठगी के लिए किराये पर बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) उपलब्ध कराते थे। सभी को जमानत मिल गई है। पुलिस उनके विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दायर करने की तैयारी में हैं, जिसके बाद केस का ट्रायल शुरू हो जाएगा।
एसओजी व खैराबाद पुलिस ने छह दिसंबर 2025 को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से ठगी करने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने किराये के बैंक खातों से 11.95 करोड़ रुपये का लेनदेन किया था। उनके पास से 11 डेबिट कार्ड, 14 सिम कार्ड, घटना में प्रयुक्त मोबाइल और एक कार बरामद हुई थी।
पुलिस को सूचना मिली थी कि संदिग्ध खातों से साइबर ठगी की जा रही है। इसपर एसपी ने एसओजी व खैराबाद पुलिस से जांच कराई। कमलापुर के मधवापुर निवासी शुभम तिवारी, इमलिया सुल्तानपुर के पसनैका निवासी रघुराज सिंह उर्फ चमन, लखीमपुर खीरी के फत्तेपुर गांव निवासी आशीष कुमार शुक्ला, शहर कोतवाली के हबीब अशरफ मंजिल निवासी मोहम्मद अरमान, पुराने सीतापुर के कोट निवासी साबेज और हरदोई के पंडरवा निवासी विनय कुमार को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अलग-अलग शहरों में जाकर लोगों को निवेश के नाम पर मोटी कमाई का झांसा देकर बैंक अकाउंट, पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड व बचत खातों में पंजीकृत मोबाइल नंबर ले लेते थे। खातों का प्रयोग ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए करते थे। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच में पता चला था कि आरोपियों ने टेलीग्राम व व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाए थे। आरोपी जनसुविधा केंद्रों से भी विवरण जुटाते थे। विदेश से जुड़ाव की जांच चल रही है।