यूपी के सीतापुर में भारी बारिश के बीच सोमवार की सुबह करीब 4.00 बजे एक मकान की कच्ची दीवार ढह गई। मलबे में दबकर नाना और दो पोती घायल हो गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से तीनों अस्पताल पहुंचाया। वहां दोनों बहनों की मौत हो गई। जबकि, नाना की हालत नाजुक बनी हुई है।
चांदनी और शिवांशी अपने नाना के साथ छप्पर के नीचे सो रही थीं। तभी यह हादसा हुआ। एक ही परिवार की दो बच्चियों की मौत से परिजन बेसुध हैं। नाना रामपाल ने बताया कि दीवार काफी पुरानी हो गई थी। बारिश में गिर गई, इसी वजह से हादसा हुआ। परिजनों ने बताया कि चांदनी कक्षा पांच और शिवांशी कक्षा तीन में पढ़ती थीं। दोनों ही पढ़ने में काफी तेज थीं। गांव में भी सबकी लाडली थीं। उनकी मौत से सब स्तब्ध हैं।
सूत्रों के अनुसार घटना की जानकारी नायब तहसीलदार को पुलिस ने करीब सुबह 4.00 बजे ही दे दी थी। हालांकि करीब चार घंटे तक कोई भी राजस्वकर्मी उनके घर नहीं पहुंचा। इस पर पुलिस ने दोबारा फोन कर उन्हें मौका मुआयना करने को कहा। इसके बाद नायब तहसीलदार सत्येंद्र पाल सिंह व क्षेत्रीय लेखपाल मौेके पर पहुंचे। राजस्वकर्मियों ने रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी है।
रामपाल ने बताया कि उन्होंने 25 वर्ष पूर्व अपनी बेटी का विवाह प्रमोद से किया था। उनको इकलौती बेटी है तो सभी उनके साथ ही गांव में रहते हैं। चांदनी और शिवांशी कुल छह भाई बहन थे। इसमें एक बड़ी बहन का विवाह हो गया है। दो छोटी बहनें व एक भाई है। घर में एक पक्का कमरा बना है। बाहर की ओर कच्ची दीवार के सहारे छप्पर डाल रखा था। बारिश में दीवार के साथ छप्पर भी गिर गया। इसी के नीचे दबकर दोनों बहनों की मौत हो गई। देर शाम उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।