सीतापुर। अवैध खनन की जांच के लिए पहुंचीं जिला खनन अधिकारी ने खनन माफिया से जान को खतरा बताकर डीएम से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि हमले के बाद से मैं डरी हूं। मेरी हत्या भी कराई जा सकती है।
राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने भी जिला प्रशासन से महिला खनन अधिकारी की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कहा है। इस सब के बीच सीओ सिटी अमन सिंह ने सुरक्षा बढ़ाने संबंधी पत्र न मिलने की बात कही है। उन्होंने बताया कि मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। मुख्य आरोपी की तलाश चल रही है। उसे भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। इससे पूर्व भी यहां एक खनन अधिकारी से पूछताछ हो चुकी है।
आरोपियों के परिजनों से पूछताछ
सूत्रों के अनुसार बृहस्पतिवार रात पुलिस ने अवैध खनन के आरोपी दिवाकर के परिजनों से पूछताछ की है। अरिजीत के परिजन भी पुलिस के निशाने पर हैं। अभी तक मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस टीम ने शुक्रवार को भी दिवाकर प्रसाद के इमलिया सुल्तानपुर स्थित घर पर दबिश दी। मुख्य आरोपी के करीबियों के मोबाइल नंबर भी सर्विलांस पर लगाए गए हैं।
धनईखेड़ा से धरमपुर करियामऊ जा रही थी मिट्टी
सीतापुर। जिला खनन अधिकारी शालिनी कुमारी ने छह नवंबर की रात रामकोट क्षेत्र के धनईखेड़ा गांव में जो अवैध खनन पकड़ा था उसकी सप्लाई करियामऊ की ग्राम पंचायत धरमपुर में हो रही थी। वहां करीब पांच बीघे के एक चक के पटान का खनन माफिया ने ठेका लिया था। करीब ढाई हजार ट्रॉली मिट्टी की पटान होनी थी। सब योजना के अनुसार ही चल रहा था। रात करीब एक बजे जिला खनन अधिकारी शालिनी कुमारी के पहुंचने से पूरा खेल बिगड़ गया।
परिवार की आपराधिक पृष्ठभूमि खंगाल रही पुलिस
मुख्य आरोपी अरिजीत शुक्ला के परिवार की आपराधिक पृष्ठभूमि को पुलिस खंगाल रही है। अब तक की जांच में सामने आया है कि अरिजीत के बाबा रामकुमार शुक्ला का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। उन पर तालगांव, हरगांव, इमलिया सुल्तानुपर, खीरी, लहरपुर व अन्य थानों में सोलह से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज हुये हैं। इनमें हत्या, चोरी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, एससी-एसटी एक्ट भी शामिल हैं। अरिजीत के अन्य पारिवारिक सदस्यों पर भी हत्या के प्रयास संग अन्य गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
राजनीतिक संरक्षण में रामकोट क्षेत्र में अवैध खनन की मंडी
रामकोट क्षेत्र में अवैध खनन का खेल पुराना है। यहां राजनीतिक संरक्षण में अवैध खनन की पूरी मंडी ही चल रही है। खनन माफियाओं के निशाने पर जंगल और नदी किनारे की जमीन है। कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसे लेकर शिकायत भी दर्ज कराई। कार्रवाई की कोरमपूर्ति के लिए जिम्मेदार भी मौके पर पहुंचे। लेकिन सिर्फ वाहनों को सीजकर चुप बैठ गए।
ग्राम प्रधान की शिकायत पर भी चुप्पी
रामकोट के क्लार्कनगर के प्रधान शमशेर ने 13 नवंबर को अपने लेटरहेड पर अवैध खनन की शिकायत की थी। बताया था कि ग्राम पंचायत व करतालपुर निवासी खनन माफिया पिरई नदी के किनारे की सिंचाई विभाग व वन विभाग की जमीन पर बिना अनुमति खनन कर रहा है। बड़ौरा गांव के किनारे से खनन के कारण बड़े गड्ढे बन गए हैं। इससे किसानों को भी परेशान होना पड़ रहा है।