लालबाग बाजार में खरबूजा खरीदती महिला। - संवाद
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सीतापुर। खरबूजे के रंग रविवार को दिनभर बदलते रहे। सुबह जहां बाजार में 120 रूपये प्रति किलो खरबूजा बिका। जब व्यापारियों को लगा कि मुनाफा अधिक हो रहा है तो थोक मंडी में फुटकर व्यापारियों की भीड़ उमड़ पड़ी। कुछ ही देर बाद तमाम व्यापारी गल्ला मंडी से खरबूजा लेकर आ गए। बाजार में ही एक दूसरे से कंपटीशन शुरू कर दिया। शाम आते-आते खरबूजे के भाव 20 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गये।
सावित्री वट वृक्ष पूजा सोमवार को है। इस पूजा में खरबूजे का दान किया जाता है। इसलिए महिलाओं ने एक दिन पहले ही खरबूजा सहित अन्य पूजन सामग्री खरीद ली। सुबह के समय फुटकर बाजार में ठेला वालों ने 100 से लेकर 120 रूपये किलो तक खरबूजा की बिक्री शुरु कर दी। जब इतना महंगा खरबूजा फुटकर में बिकने लगा तो तमाम व्यापारी गल्ला मंडी पहुंच गये। मंडी से भारी मात्रा में खरबूजा खरीद लिया। एक दूसरे से कंपटीशन के चक्कर में 80 रूपये किलो तक बेचने लगे। इसके बाद लगातार दिन भर इनके रेट गिरते रहे।
दिन भर खरबूजा का रेट बदलता रहा। शाम आते-आते खरबूजा 20 रूपये किलो तक पहुंच गया। व्यापारी आकाश ने बताया गल्ला मंडी में खरबूजे की कोई कमी नहीं थी। पर्याप्त मात्रा में खरबूजा आया था। लेकिन फुटकर व्यापारियों ने मुनाफा अधिक कमाने के चक्कर में रेट में बढ़ोत्तरी कर दी। सुबह के समय जिन लोगों ने 120 रुपये किलो में बेचा, इसको देखकर अन्य लोगों ने समझा शाम तक यह और अधिक महंगा हो जाएगा। इसलिए अधिकतर लोगों ने सुबह महंगा ही खरबूजा खरीद लिया।