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अक्षय तृतीया में खरीदारी के लिए सजे बाजार

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अक्षय तृतीया को लेकर लालबाग बाजार में एक ज्वैलर्स की दुकान पर आभूषण खरीदती महिलाएं। - संवाद - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। अक्षय तृतीया का फल अक्षय यानी कभी न मिटने वाला होता है। यह विशेष संयोग बुधवार को होगा। इस दिन दान पुण्य करना विशेष फलदायी होता है। इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। कोई भी मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। इस दिन कारोबार की शुरुआत करने से सदैव तरक्की होती है। इस पर्व को लेकर सराफा बाजार में खुशी का माहौल है। पिछले दो वर्षों में कोविड के कारण जहां यह पर्व हल्के में निपट गया था, इस बार व्यापारियों को अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है।
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आचार्य सदानंद द्विवेदी का कहना है कि मान्यता है कि अक्षय तृतीया शुभ कामों के लिए सबसे अच्छे दिनों में से एक माना जाता है। यह दिन सबके जीवन में सफलता लाता है। इसलिए इस दिन नया वाहन लेना, गृह प्रवेश करना, आभूषण खरीदना जैसे काम किए जाते हैं। नई जमीन खरीदना, शेयर मार्केट में निवेश करना, नया बिजनेस शुरू करना भी अक्षय तृतीया के दिन लाभकारी होता है।
इस विशेष दिन को लेकर बाजार में काफी उत्साह बना हुआ है। इस दिन सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। पिछले दो वर्षों से कोविड के कारण लोग यह पर्व मन मुताबिक नहीं मना सके थे। इस बार जब हालात सामान्य हैं तो व्यापारियों को उम्मीद है कि इस दिन सोना चांदी की जमकर बिक्री होगी। पिछले वर्षों में हुए नुकसान की भरपाई इस बार हो जाएगी।
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भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व
मान्यता है कि कलियुग के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। इस दिन दान भी करना चाहिए। ऐसा करने से समृद्धि, ऐश्वर्य व सुख की प्राप्ति होती है। अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु के चरणों से मां गंगा अवतरित हुई थी। सतयुग, द्वापर व त्रेतायुग का आरंभ इसी दिन से माना जाता है।
मान्यता है कि अक्षय तृतीय के दिन जो भी काम किए जाते हैं, उसमें बरकत रहती है। अक्षय तृतीया पर अच्छा काम करने का फल कभी समाप्त नहीं होता है। इस पावन दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। साफ स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित करें। देवी देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें। इस पावन दिन माता लक्ष्मी और विष्णु भगवान की पूजा का विशेष महत्व होता है। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को भोग अवश्य लगाएं।
ये हैं शुभ मुहूर्त
आचार्य सदानंद द्विवेदी का कहना है कि बुधवार को सुबह 9:09 बजे से सुबह 10:50 बजे तक शुभ मुहूर्त है। इसके बाद सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा। इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। जिसका फल सदैव लाभकारी होगा।
इस बार बढ़िया बिक्री की उम्मीद
आभूषण व्यापारियों का कहना है कि इस दिन अधिकतर लोग नाक की कील, सोने की अंगूठी, गले की चैन, झुमकी, हार को खरीदने में प्राथमिकता देते है। चांदी के आइटम बिकते तो हैं लेकिन ग्राहक इन आइटमों को बहुत ही कम खरीदते हैं। व्यापारी आशीष मेहरोत्रा ने बताया कि अक्षय तृतीय में व्यापार अच्छा होने की उम्मीद है।
राजू मेहरोत्रा का कहना है कि पिछले दो वर्षों से कोविड के कारण यह पर्व हल्के में ही निपट गया था। इस बार बेहतर बिक्री का अनुमान है। मनोज महिन्द्रा ने बताया कि अक्षय तृतीय पर लोग सोना व चांदी के आभूषण खरीदने को प्राथमिकता देते है। इसके लिए बाजार में तमाम आभूषण मौजूद है। उम्मीद है, लोग पसंद करेंगे।
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