इमलिया गांव के पास रविवार देर शाम तेंदुए ने एक नीलगाय का शिकार किया। इससे ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग की टीम ने सोमवार सुबह मौके पर पहुंच पदचिह्न देखकर तेंदुआ होने की पुष्टि कर दी है। विभाग ने वहां कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर अलर्ट जारी कर दिया है।
डीएफओ का कहना है कि जांच में तेंदुआ होने की पुष्टि हुई है। ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया है। टीम लगाकर तेंदुए को वाच किया जा रहा है। इमलिया गांव निवासी महेश उर्फ नरेश रविवार शाम करीब आठ बजे गांव के बाहर केले की बाग को देखने गया था।
यहां उसने कुछ दूरी पर एक जानवर नजर आया। इस पर उसने टार्च की रोशनी लगाई तो उसके होश उड़ गए। उसे कुछ दूरी पर बाघ जैसा जानवर नजर आया। इस पर उसने गांव में फोन किया और खुद खेत में ही छुप गया। गांव से करीब 30-35 लोग समूह बनाकर घटना स्थल की ओर गए लेकिन जंगली जानवर नहीं दिखा।
इस पर ग्रामीणों ने एसओ केबी सिंह को फोन किया। खबर पाते ही एसओ मौके पर पहुंचे। पदचिह्न देखकर लोगों को लगा कि यह बाघ है। इस दौरान वन विभाग के उप रेंजर ओम प्रकाश व वन रक्षक अयोध्या मिश्रा मौके पर पहुंचे। इन लग़ों ने प्रथम दृष्टया पद चिन्ह देखकर तेंदुआ होने की पुष्टि की।
क्षेत्र में तेंदुए की खबर पाकर लोग दहशत में आ गए। सुबह होते ही वन क्षेत्राधिकारी हरगांव रमेश चंद यादव व वन रेंजर सीतापुर व टाइगर एक्सपर्ट इम्तियाज अहमद सिद्दीकी मौके पर पहुंचे। इन लोगों ने पद चिन्ह देखकर तेंदुआ होने की पुष्टि की। विशेषज्ञों ने बताया कि तेंदुए की उम्र करीब चार साल होगी।