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नौ राजकीय कॉलेजों में बनेगी प्रयोगशालाएं

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मछरेहटा में स्थित राजकीय इंटर कालेज। - संवाद - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जनपद के नौ राजकीय इंटर कॉलेजों में अब प्रयोगशालाएं बनेंगी। इससे विद्यार्थियों को अब किताबी ज्ञान के साथ प्रयोगात्मक ज्ञान भी मिलेगा। एक प्रयोगशाला के निर्माण पर 14.50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने इन कॉलेजों में प्रयोगशाला बनने की मंजूरी दी है। इससे इनका निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
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जनपद में संचालित नौ राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रयोगशाला नहीं थी। इससे विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान दिया जाता था। जरूरत पड़ने पर आस पड़ोस के विद्यालयों में प्रयोग करवा दिए जाते थे। इससे विद्यार्थियों को प्रायोगिक ज्ञान मिलने में असुविधा होती थी। अब यह समस्या जल्द दूर होगी। समग्र शिक्षा अभियान के तहत नौ राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रयोगशाला बनने की मंजूरी केंद्र सरकार ने दी है।
एक विद्यालय की प्रयोगशाला पर 14.50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। जिसमें एक लाख रुपये के उपकरण खरीदे जाएंगे। अन्य धनराशि से भवन बनाया जाएगा। इन प्रयोगशाला में जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान व भौतिक विज्ञान की सामग्री मौजूद रहेगी। विद्यार्थी एक ही परिसर में तीनों विषयों के प्रयोग कर सकेंगे। इससे उनको किताबी ज्ञान के साथ प्रयोग करने की सुविधा मिलेगी।
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केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद जिलाधिकारी कार्यदायी संस्था नामित करेंगे। इससे अगले शैक्षिक सत्र में विद्यार्थियों को प्रयोगशाला का लाभ मिलने की उम्मीद है। वित्त एवं लेखाधिकारी सुनील कुमार मिश्रा ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रयोगशाला बनने की मंजूरी दी है।
इन विद्यालयों में बनेगी प्रयोगशाला
माध्यमिक शिक्षा विभाग के मुताबिक जनपद के नौ राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रयोगशाला बनेगी। इनमें राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बिसवां, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज लहरपुर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज महेाली, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज नेरी, राजकीय इंटर कॉलेज बीहट गौड़, राजकीय इंटर कॉेज बांसुरा, राजकीय इंटर कॉलेज नीलगांव, राजकीय इंटर कॉलेज मछरेहटा व राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कमलापुर शामिल हैं।
प्रैक्टिकल के नंबरों का होता विशेष महत्व
10वीं व 12वीं में विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा करवाई जाती है। इन विद्यार्थियों के जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान व भौतिक विज्ञान में प्रैक्टिकल होते है। जिनके नंबर परिणाम में जोड़े जाते हैं। अगर अच्छे नंबर मिल जाते हैं तो विद्यार्थी की मेरिट भी काफी अच्छी हो जाती है। इसलिए प्रैक्टिकल के नंबरों का विशेष महत्व होता है। स्कूल में प्रयोगशाला होने से विद्यार्थियों को प्रयोग करने की सुविधा मिलेगी। इससे उनको अपनी मेरिट बनाने में सहूलियत मिलेगी।
हफ्ते में दिन कर सकेंगे प्रयोग
शिक्षकों का कहना है कि विद्यालय में लैब बनने से सप्ताह में तीन दिन विद्यार्थी इसका फायदा उठा सकेंगे। एक सप्ताह में तीन दिन वह रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान व भौतिक विज्ञान का ज्ञान हासिल करेंगे। तीन दिन वह लैब में प्रयोग करेंगे। इस दौरान वह अपना कोर्स प्रयोग के साथ तैयार करते रहेंगे। इससे उनकी कोर्स पर पकड़ भी मजबूत बनी रहेगी।
इन कॉलेजों में प्रयोगशाला बनने से बोर्ड परीक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षा के समय दिक्कत नहीं होगी। विद्यार्थियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। इन कॉलेजों में प्रयोगशाला न होने से जब एग्जामनर परीक्षा लेने आते थे तो विद्यार्थियों को किसी दूसरे विद्यालय में बुलाया जाता था, जहां पर प्रयोगशाला होती थी। अब यह समस्या दूर हो जाएगी। विद्यार्थी अपने विद्यालय में ही परीक्षा दे सकेंगे।
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