सीतापुर। कृषि सखियों की ओर से राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत चयनित गांवों के किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जागरूक किया जा रहा है। वह संबंधित गांवों की महिलाओं को भी गो आधारित प्राकृतिक खेती के लिए जागरूक करेंगी, जिससे जिले में प्राकृतिक खेती करने में महिलाओं का संख्या के साथ जमीन का रकबा बढ़ सकें।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से नियुक्त की गईं कृषि सखियों में से 160 कृषि सखियों को कृषि विभाग ने प्राकृतिक खेती के लिए चयनित 80 गांवों में तैनात किया है। इनकी ओर से 10 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में अब यही कृषि सखियां इन गांवों की महिलाओं को गो आधारित प्राकृतिक खेती करने के लिए जागरूकता अभियान चलाएंगी, जिससे पुरुषों के साथ ही महिलाओं के सक्रिय होने से प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इससे प्राकृतिक खेती का क्षेत्रफल बढ़ेगा। यह लोगों की सेहत के लिए फायदेमंद रहेगा।
बिसवां ब्लॉक की कृषि सखी सीता देवी ने बताया कि चयनित गांवों में प्राकृतिक खेती के लिए जब जागरूकता शिविर लगाए जाते हैं, तो महिलाएं इसकी खेती करने में अधिक रुचि दिखा रही हैं। वह शिविर के बाद इस संबंध में व्यक्तिगत संपर्क कर जानकारी करती हैं। कृषि सखी किरन देवी ने बताया कि प्राकृतिक खेती करने के लिए चयनित किसानों को जागरूक करने के दरम्यान महिलाएं भी इसमें प्रतिभाग कर रही हैं। इसे देखते हुए शिविरों के मार्फत महिलाओं को भी जागरूक किया जाएगा। जिससे वह इसमें सक्रियता से कार्य करें। इसी तरह अन्य कृषि सखियों ने बताया कि वह संबंधित गांवों में महिलाओं का जागरूक करेंगी।
गो आधारित प्राकृतिक खेती करने के लिए महिलाओं को जागरूक करने के लिए कृषि सखियों की ओर से की जा रही पहल सराहनीय है। उन्हें हरसंभव तकनीकी सहयोग किया जाएगा। कृषि सखियों को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। साथ ही समय-समय पर उनका सहयोग करने के साथ ही शासन से मिलने वाली सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
डाॅ. दया एस. श्रीवास्तव, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र कटिया
कृषि विभाग के सभी तकनीकी अफसर और कर्मी प्राकृतिक खेती के लिए चयनित 80 ग्राम पंचायतों में कृषि सखियों का सहयोग कर रहे हैं। इसके लिए महिलाओं को भी जागरूक करने के लिए पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा। जागरूकता शिविरों में महिलाएं प्रतिभाग भी कर रही हैं। प्राकृतिक खेती की जागरूकता के लिए चयनित कृषि सखियों के साथ ही संबंधित किसानों को भी तय धनराशि उपलब्ध कराई जा रही हैं।
डाॅ. एसके सिंह, उप कृषि निदेशक