शहर के एक गेस्ट हाउस में प्रशिक्षण ले रहीं कृषि सखियां। -संवाद
सीतापुर। शासन के निर्देश पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को कृषि आजीविका सखी के रूप में चयनित कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद ये कृषि सखियां किसानों को आधुनिक खेती के गुर सिखाएंगी। यह कवायद जिले में भी शुरू की गई है।
समूह की ऐसी महिलाएं जो पर्याप्त शिक्षा प्राप्त कर चुकी हैं, उनका चयन कृषि आजीविका सखी के तौर पर किया गया है। इन्हें शहर के एक गेस्ट हाउस में पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिससे ये किसानों को आधुनिक ढंग से खेती करने के लिए तैयार कर सकें।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से ब्लाॅक क्षेत्रवार कृषि आजीविका सखियों का चयन किया गया है। इन्हें पांच दिवसीय प्रशिक्षण देने के लिए उद्यमिता विकास संस्थान लखनऊ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ब्लाॅक क्षेत्रवार प्रशिक्षण का कार्यक्रम उपायुक्त स्वत: रोजगार ने जारी किया है।
प्रशिक्षण का पहला बैच पहली मई से शुरू किया गया है। इसमें पहला, खैराबाद, रेउसा व सिधौली की कृषि आजीविका सखियां प्रतिभाग कर रहीं हैं। इन्हें आधुनिक खेती करने का प्रशिक्षण दिया रहा है। प्रशिक्षक, डीआरपी वीरेंद्र अवस्थी और सरबजीत सिंह ने कृषि सखियों को खेती-बाड़ी के विभिन्न बिंदुओं की जानकारी दी।
कृषि सखियों को गोआधारित खेती करने विधि बताई गई। गोपालन, मुर्गी पालन और बकरी पालन से होने वाले लाभ भी बताए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालक कुलदीप शुक्ला ने बताया कि विभाग की गाइडलाइन के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है।