सीतापुर। कोरोना के बढ़ते खतरे को भांपते हुए भले ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने जरूरी कदम उठाने के आदेश दिए हों, लेकिन इसका जिले में कोई असर नहीं दिख रहा है। रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टॉप तक बाहर से आने वालों की जांच के लिए स्वास्थ्य महकमा भले ही कोविड हेल्प डेस्क बनाकर टीमें लगाने का दावा कर रहा हो, लेकिन ये दावा सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह गया है। कहीं भी कोविड प्रोटोकाल का पालन नहीं हो रहा है।
बुधवार को अमर उजाला की पड़ताल में जिम्मेदारों के दावों की पोल खुलकर सामने आ गई। जिले में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदार संजीदा नहीं है। सब कुछ भगवान भरोसे छोड़ रखा है। ये हाल तब है, जब संक्रमित प्रदेशों से आने वालों पर नजर रखने और उनकी जांच करने के आदेश सरकार ने दे रखे हैं, लेकिन इसके बाद भी सरकारी मशीनरी पुराने ढर्रे पर है।
अमर उजाला ने बिना इंतजाम कोरोना से जंग की तैयारी शीर्षक से खबर को 27 मार्च को प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद जिम्मेदार हरकत में आए। उन्होंने रेलवे स्टेशन और बस स्टॉप पर बाहर से आने वालों की जांच के लिए कोविड हेल्प डेस्क बनाकर स्वास्थ्य टीमों को तैनात करने का दावा किया था। बुधवार को अमर उजाला की टीम रेलवे स्टेशन और बस स्टॉप पर पहुंची तो सब कुछ पुराने ढर्रे पर ही चलता दिखा।
रोडवेज बस स्टॉप पर शाम 5:45 बजे यात्री बसों से उतरकर आ-जा रहे थे, लेकिन कोविड हेल्प डेस्क बनाकर यात्रियों की जांच के दावे करने वाले जिम्मेदारों के इंतजाम यहां नहीं मिले। न तो कोविड हेल्प डेस्क थी और न ही स्वास्थ्य टीम दिखी।
जंक्शन पर शाम 6 बजे लखीमपुर से लखनऊ जाने वाली पैसेंजर ट्रेन आकर रुकी। ट्रेन रुकने के बाद यात्री उतरे और जंक्शन से बाहर निकले। टीईटी और टीम के कैमरे का फ्लैश चमकते ही यात्रियों ने मास्क लगा लिया। यहां पर कहीं भी कोविड हेल्प डेस्क नहीं दिखी और न ही स्वास्थ्य टीम नजर आई।
24 घंटे जांच की नहीं व्यवस्था
एआरएम विमल राजन बताते हैं कि बस स्टॉप पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से यात्रियों की जांच के लिए टीम लगाई गई है, लेकिन स्वास्थ्य टीम की संख्या कम होने से दिक्कत आ रही है। टीम सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक रहती है। टीम में व्यक्ति कम है। इसलिए 24 घंटे जांच की व्यवस्था नहीं है। बुधवार को टीम कहीं दूसरी जगह जांच करने चली गई थी।
एसीएमओ डॉ. पीके सिंह ने बताया कि बाहर से आने वालों की स्क्रीनिंग और एंटीजन जांच के लिए बस स्टॉप और जंक्शन पर कोविड हेल्प डेस्क बना दी गई है। स्वास्थ्य टीमें तैनात कर यात्रियों की जांचें कराई जा रही हैं।