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Sitapur News: दीप पर्व का उल्लास, घर-आंगन हुए रोशन, बाजार में उमड़े खरीदार

Wed, 30 Oct 2024 09:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। रोशनी के पर्व दिवाली का उल्लास हर तरफ छाया दिखा। बृहस्पतिवार को परंपरागत तरीके से दीपावली का त्योहार मनाया जाएगा। घर-आंगन बिजली की झालरों से जगमग दिखे। भगवान गणेश व माता लक्ष्मी के पूजन के लिए बुधवार को लोग दिनभर खरीदारी में जुटे दिखे। बाजार में देर रात तक रौनक रही। आतिशबाजी के लिए पटाखों की भी खूब बिक्री हुई।
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दीपोत्सव की पूर्व संध्या पर बाजार में धूम दिखी। मिट्टी के दीपक, लाई-चूरा, खील, मिष्ठान, इलेक्ट्रॉनिक, कपड़े समेत अन्य दुकानों पर खरीदारी के लिए ग्राहक जुटे रहे। शहर के लालबाग बाजार में अव्यवस्था से लोगों को बचाने के लिए बाइक व रिक्शा के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। दिवाली की खरीदारी करने पहुंचे लोगों के चलते बुधवार को बाजार में दिनभर रौनक रही। घरों में भी दिवाली की तैयारियां पूरी कर ली गईं। दिवाली की पूर्व संध्या पर ही कई लोगों ने अपने घर व प्रतिष्ठान बिजली की झालरों से सजा दिए। सांझ ढलते ही झालरें जलने से हर तरफ रंग-बिरंगी रोशनी बिखर गई।
अब बृहस्पतिवार को परंपरागत ढंग से शुभ मुहूर्त पर महालक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना होगी। सजावट व दीयों, मोमबत्तियों से धरती को कोना-कोना रोशन होगा जबकि आतिशबाजी से समूचा आसमान सतरंगी छटा से सराबोर नजर आएगा। दिवाली मनाने को लेकर घरों से लेकर दुकानों तक में तैयारियां कर ली गई हैं। सबसे अधिक उत्साह बच्चों में देखने को मिल रहा है। बच्चे आतिशबाजी को लेकर उत्साहित हैं। कई बच्चे पूर्व संध्या पर आतिशबाजी करते दिखाई दिए। दिवाली का उत्साह और उमंग एक दिन पहले से ही नजर आने लगी।
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कमल के फूल की अधिक रही मांग
शहर में फूलों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ जुटी रही। गणेश-लक्ष्मी की पूजा के लिए कमल के फूल की मांग सबसे अधिक रही। इसके अलावा गुलाब के फूल भी खूब बिके। फूल विक्रेता ललित ने बताया इस बार कमल का फूल 60 से लेकर 100 रुपये प्रति पीस तक बिका। गुलाब 500 रुपये जबकि गेंदा का फूल 200 रुपये किलो बिका।


पूजन सामग्री की जमकर हुई बिक्री
दिवाली पर गणेश-लक्ष्मी का पूजन घर-घर होता है। प्रतिष्ठानों पर भी व्यापारी पूजा करते हैं। इसे लेकर मूर्तियों के साथ पूजन सामग्री की जमकर बिक्री हुई। इसमें मूर्ति के अलावा गणेश-लक्ष्मी के वस्त्र, आसन, माला, चरण, रेडीमेड रंगोली समेत अन्य सामग्री लोगों ने खरीदी। शहर की बाजार में भीड़भाड़ के चलते पैर रखने तक की जगह नहीं थी।


अलाय-बलाय व लइया-चूरा, गट्टा खूब बिका
दिवाली पर शाम को अलाय-बलाय डालने की परंपरा है। शहर में रेडीमेड अलाय-बलाय की जमकर बिक्री हुई। विक्रेता रामू ने बताया कि आठ रुपये से लेकर 15 रुपये तक अलाय-बलाय बिकी। वहीं, लइया-चूरा, खील व गट्टा भी लोगों ने खरीदा। यह सामग्री पूजन में उपयोग की जाती है।


छोटी दिवाली पर जलाए दीये, हुई आतिशबाजी
जिलेभर में बुधवार को छोटी दीपावली धूमधाम से मनाई गई। घरों में विधि-विधान से लोगों ने पूजा-अर्चना की। घर के अंदर और बाहर दीपक जलाए। बच्चों ने आतिशबाजी कर धमाल मचाया। आतिशबाजी होने से आसमान में सतरंगी छटा बिखर गई।


शहर की सजावट ने मोहा मन
दिवाली पर की गई शहर की सजावट बरबस ही लोगों को आकर्षित कर रही है। लालबाग, जीआईसी, ट्रांसपोर्ट चौराहा समेत सभी प्रमुख चौराहों पर भव्य सजावट की गई है। प्रमुख मार्गों पर भी बिजली की झालरों व अन्य सामग्री से की गई सजावट हर किसी का मन मोह रही है।


स्वदेशी झालरों की खूब हुई बिक्री
दिवाली पर घर व प्रतिष्ठान सजाने के लिए रंग-बिरंगी स्वदेशी झालरों की खूब बिक्री हुई। विक्रेताओं ने बताया कि चाइनीज झालरें भी बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन ग्राहक स्वदेशी झालर ज्यादा खरीद रहे हैं। इनमें रिमोट से चलने वाली झालर, दीपमाला, रनिंग झालर, कलश, दीये वाली झालर शामिल हैं।


मिठाई व ड्राई फ्रूट की हुई खरीदारी
दिवाली पर उपहार देने व पूजा के लिए मिठाई की खरीदारी लोग करते रहे। इस दौरान काजू कतली, मिल्क केक, छेना, मेवे व मोतीचूर के लड्डू की डिमांड ज्यादा रही। इसके अलावा ड्राई फ्रूट की बिक्री भी हुई।
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