सीतापुर। राघवेंद्र वाजपेयी हत्याकांड में शामिल शूटर संजय व राजू तिवारी का शुक्रवार को शहर के गोपालदास घाट पर दाह संस्कार किया गया। राजू को उसके बेटे राजा व संजय को उसके भाई राहुल ने मुखाग्नि दी। बृहस्पतिवार देर रात नोएडा से दोनों के परिवार वाले सीतापुर पहुंच गए थे। इस दौरान पुलिस, एसओजी व एलआईयू टीम तैनात रही। परिजनों ने किसी से कुछ भी बोलने से मना कर दिया।
बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद शवों को मोर्चरी में ही रखा गया था। संजय उर्फ अकील की पत्नी दूसरे समुदाय की है। उसके एक बेटी है। दोनों श्मशान घाट पर आए थे। उधर, राजू उर्फ रिजवान का बेटा राजा दिमागी तौर पर थोड़ा कमजोर है। सूत्रों के अनुसार मरते समय दोनों शूटरों ने यह इच्छा जताई थी कि उनका दाह संस्कार किया जाए, इसलिए उनकी आखिरी इच्छा पूरी की गई। मुखाग्नि के बाद भाई राहुल एक कोने में अपने बचपन के पलों को याद करते हुए नजर आया। उसकी आंखों में आंसू थे। पोस्टमार्टम के अनुसार एक बात यह भी निकलकर आई कि दोनों ने अपने मां नाजिमा बाई के धर्म का अनुसरण किया था। इसलिए दोनों को किसी भी समुदाय में स्थापित होने में देर नहीं लगती थी।