गांव शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात
मानपुर (सीतापुर)। इलाके के एक गांव में बृहस्पतिवार देर रात घर में सो रही महिला से दूसरे समुदाय के तीन लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर बर्बरता की हद पार करते हुए न सिर्फ पीड़िता को बुरी तरह पीट, बल्कि उसका मुंह भी नोंच लिया। पीड़िता ने किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर अपनी भाभी व भाइयों को जानकारी दी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
परिजनों के मुताबिक, 40 वर्षीय महिला अपने घर में सो रही थी। रात करीब दो बजे किताबू, कादिर और आरिफ ने घर में घुसकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता ने विरोध किया तो न सिर्फ उसे बुरी तरह से पीटा, बल्कि उसका मुंह भी नोंच डाला। घटना से पूरे गांव में आक्रोश है। बताया यह भी जा रहा है कि शराब के नशे में आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में कई थानों की पुलिस पहुंच गई। मामला दो समुदायों का होने के चलते तनाव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रेउसा, सकरन, बिसवां व मानपुर की पुलिस को गांव में तैनात कर दिया गया है। एएसपी उत्तरी प्रकाश कुमार ने बताया कि पीड़िता को इलाज के जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। तीनों आरोपियों के विरुद्ध सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज कर उनको भी जेल भेज दिया गया है।
पति की हो चुकी है मौत, चार हैं संतानें
पीड़िता के चार बच्चे हैं। उसका विवाह खैराबाद में हुआ था। विवाह के बाद वह पति के साथ मानपुर थाना क्षेत्र के इस गांव में आकर रहने लगी थी। करीब सात साल पहले पति की मौत बीमारी से हो गई थी। पीड़िता की दोनों बेटियों का विवाह हो चुका है। बड़ा बेटा अपनी बड़ी बहन के साथ दूसरे प्रांत में रहकर मजदूरी करता है। वहीं, छोटा बेटा अपनी छोटी बहन के घर रहकर प्लाईवुड फैक्टरी में काम करता है। पीड़िता मजदूरी कर अपना जीवन यापन करती है। उनके पास कृषि योग्य जमीन नहीं है।
दबंग व शातिर हैं आरोपी
ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी बाहर दरी बेचने का कारोबार करते हैं। गांव आने पर यह काफी उपद्रव करते हैं। आरोपी किताबू करीब पांच साल पहले लखनऊ से एक किशोरी को भगा लाया था, जिसे वह ईंट भट्टे पर मजदूरी के लिए मजबूर करता था। किशोरी जब मना करती तो उसे पीटता था। एक दिन उसने किशोरी के बाल मुंडवा दिए थे। किसी तरह किशोरी ने अपने परिजनों से संपर्क किया तो वे उसे आरोपी के चंगुल से छुड़ा ले गए थे। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि आरोपी काफी दबंग किस्म के व्यक्ति हैं। उनके परिजन अक्सर गांव में उपद्रव किया करते हैं। पुलिस उन पर कोई कार्रवाई नहीं करती है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव थाने से 15 किमी दूर है। थाने की दूरी अधिक होने से इन लोगों के विरुद्ध कोई शिकायत नहीं करता है। इससे इनके हौसले बुलंद रहते हैं। गांव में अवैध शराब का कारोबार भी होता है। पुलिस इस पर रोक नहीं लगा पाई है। इससे माहौल खराब रहता है।