सीतापुर। कोरोना संक्रमण के फैलाव रोकने के लिए डफरिन में एंट्री बंद होने से आशा परेशान हैं। आए दिन इसको लेकर विवाद हो रहे हैं। कुछ दिन पूर्व महिला पुलिसकर्मी से प्रवेश को लेकर हुई धक्का-मुक्की के बाद गुरुवार को एक बार फिर भीतर दाखिल होने की इजाजत नहीं मिलने से गुस्साई आशा ने पुलिस बुला ली। मौके पर पहुंची यूपी-112 की पुलिस टीम पूरे मामले को समझने के बाद आशा को शांत कराकर चली गई।
दरअसल, प्रसूताओं को लेकर डफरिन आने वाली आशा के प्रवेश पर कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सीएमएस डॉ. सुषमा कर्णवाल ने रोक लगा रखी है। नाम दर्ज कराने के लिए गेट पर रजिस्टर रखवाया गया है, लेकिन इसके बाद भी आशा जबरन अस्पताल में दाखिल होने की कोशिश करती हैं। कुछ दिन पहले ही एक आशा का महिला पुलिसकर्मी से एंट्री को लेकर ही विवाद हो गया था। गुरुवार को भी विवाद होते-होते बचा। बताया जाता है कि एक आशा किसी मरीज को लेकर अस्पताल में घुस रही थी।
गेट पर तैनात गार्ड ने जाने से मना किया, इस पर आशा भड़क उठी। उसने यूपी-112 पर कॉल कर दी। कुछ देर बाद पुलिस आ गई। सूचना पाकर सीएमएस डॉ. सुषमा कर्णवाल को भी गेट पर आना पड़ा। पुलिसकर्मियों को सीएमएस ने पूरी बात बताकर अस्पताल में एंट्री पर रोक होना बताया। इसके बाद पुलिसकर्मी आशा को शांत कराकर मौके से चले गये। इस दौरान काफी देर तक गेट पर अफरातफरी का माहौल बना रहा। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा कर्णवाल ने बताया कि अस्पताल में एंट्री नहीं मिलने से आशा ने कॉल कर यूपी-112 की पुलिस टीम बुला ली थी। पुलिसकर्मी मामला जानने के बाद चले गए थे।