सीतापुर। रामपुर कलां इलाके में करीब सात साल पूर्व दहेज की प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट सुरेंद्र सिंह ने आरोपी पति को दोषी पाया है। कोर्ट ने पति को सात साल की कैद और 15 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
रामपुर कलां थाना क्षेत्र के ग्राम कंदई महिमापुर निवासी इरफान के विरुद्घ उसकी सास शबनम खातून ने इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादिनी के मुताबिक वर्ष 2014 में एक रात शाबिरा की जहर खाने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया।
न्यायालय में दौरान विचारण आए साक्ष्य के बाद न्यायाधीश ने आरोपी को घटना का दोषी पाते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान ने की।
दहेज हत्या से बरी, प्रताड़ना में सास-ससुर दोषी
सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश राममणि पाठक ने पुत्रवधू को दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोप में सास व ससुर को तीन-तीन वर्ष का कारावास व सात-सात हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। सकरन थाना क्षेत्र के ताजपुर सलौली निवासी सतीश की पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में चार मई 2011 को मौत हो गई थी।
इस मामले में सतीश, उनके पिता शंभू और मां कैलाशा के विरूद्घ मुकदमा दर्ज हुआ था। सत्र न्यायालय में आए साक्ष्य के बाद न्यायालय ने आरोपी सास, ससुर को दहेज हत्या के आरोपों से बरी करते हुए उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ना का आरोपी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दोनों को सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संतोष शुक्ला ने की है।