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Sitapur News: सरयू में समाया आशियाना, सुंदरपुरवा का अस्तित्व खत्म

Tue, 21 Jul 2026 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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लहरपुर क्षेत्र के बसंतापुर के पास बचाव परियोजना की धंसी मिट्टी। - संवाद 
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रामपुर मथुरा। बारिश और बैराजों के पानी से उफनाई सरयू व शारदा नदियां रौद्र रूप दिखाने लगी हैं। तटवर्ती गांवों में कटान होने लगा है। सरयू के कटान से रामपुर मथुरा क्षेत्र के सुंदरपुरवा में शेष एकमात्र मकान भी नदी में समा गया। यह मकान कटने के साथ ही सुंदरपुरवा का अस्तित्व खत्म हो गया।
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बाढ़ व कटान का खतरा बढ़ता देख लोग सहमे हुए हैं। सोमवार को बैराजों से 1.84 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, पिछले 24 घंटे के दौरान जिले में 60 मिलीमीटर बारिश हुई है। सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर जबकि शारदा का 1.09 मीटर नीचे है।

रामपुर मथुरा क्षेत्र के सुंदरपुरवा गांव में 50 परिवार निवास करते थे। बीते वर्ष के कटान में 49 घर सरयू में समा गए थे। इसके बाद सिर्फ धर्मराज का घर बचा था। रविवार की रात शुरू हुए कटान में धर्मराज का घर भी सरयू में समा गया। इस गांव का अस्तित्व अब समाप्त हो गया है।
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महमूदाबाद तहसील प्रशासन ने कटान पॉइंट का निरीक्षण कर पीड़ित को 1.20 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने का आश्वासन दिया है। नगेसरपुरवा, पीताम्बरपुरवा, बुचाऊपुरवा, सोहरियापुरवा गांव भी लहरों के निशाने पर आ गए हैं। यह गांव नदी की धारा से करीब 500 से 800 मीटर की दूरी पर हैं।


अंगरौरा के पास लगे मीटर गेज पर सोमवार को सरयू का जलस्तर 118 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 119 मीटर से महज एक मीटर नीचे है। हालांकि, नदी का बहाव अभी अपनी सीमा के दायरे में है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि बैराजों से इसी तरह पानी छोड़ा जाता रहा तो हालात किसी भी समय बिगड़ सकते हैं। सरयू के जलस्तर में इजाफे से तटवर्ती अखरी, अंगरौरा, शुकुलपुरवा, कनरखी, मोतीपुरवा, सुंदरपुरवा, रामरूपपुरवा, जगरूपपुरवा, केवड़ा, बाबाकुटी, प्यारेपुरवा व निरंजनपुरवा समेत करीब 50 गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से सहमे हुए हैं।
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