फिजाओं में उड़ता अबीर-गुलाल। होली के गीतों के बीच धमाल करते लोग। शहर से लेकर गांव तक रंग की मस्ती में डूबे लोग। होली के एक दिन पहले ही जिले में ऐसी फगुआ बयार चली कि लोग होली की मस्ती में पूरी तरह डूब गए। मंगलवार को बाजारों में रंगत देखते ही बनती थी।
लोग पिचकारी के साथ अन्य जरूरी सामान खरीदते रहे। इसके अलावा मिठाई की दुकानों पर भी भीड़ है। हर तरफ होली की धूम रही और बच्चों ने खूब धूमाल मचाया। आज बिरज में होली रे रसिया..., होली खेले नंदलाल..., होलिया में उड़े रे गुलाल... वो तो कारो नहीं है मतवारो, जगत उजियारो, श्री राधा जी के प्यारो है... ऐसे ही तमाम फागुनी गीतों के बीच चारों ओर होली की धूम मची रही।