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Sitapur News: कहीं झोलाछाप या नाई से तो जहांगीराबाद में नहीं फैला हेपेटाइटिस

Sat, 30 May 2026 11:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। जहांगीराबाद में 59 लोगों के हेपेटाइटिस से संक्रमित मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। राज्य व जिले की स्वास्थ्य विभाग की टीम को आशंका है कि झोलाछाप व नाई से गांव में संक्रमण फैला है। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। टीमें संक्रमण फैलने के अन्य कारण भी तलाश रही हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है यह रोग एक-दो वर्ष नहीं बल्कि आठ से 10 साल पहले का भी हो सकता है।
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जहांगीराबाद गांव में एक महिला ने पथरी का ऑपरेशन कराने के लिए जब जांच कराई तो हेपेटाइटिस संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद परिवार के 11 अन्य सदस्यों ने जांच कराई तो सभी हेपेटाइटिस से संक्रमित मिले। इसके बाद राज्य व जिले स्तर की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरे गांव की करीब तीन हजार आबादी की स्क्रीनिंग करने का निर्णय लिया। अब तक करीब डेढ़ हजार लोगों की जांच हो चुकी हैं। इनमें 59 लोगों में हेपेटाइटिस की पुष्टि हो चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पहले चरण में गांव के सभी लोगों की स्क्रीनिंग कराकर मरीज चिह्नित किए जाएंगे। इसके बाद संक्रमण फैलने का कारण पता किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती स्क्रीनिंग में सामने आया है कि अधिकतर लोग बाहर से दाढ़ी बनवाते हैं। इलाके में 13 झोलाछाप व नाई की 12 दुकानें हैं। लोगों का कहना है कि कोविड से पहले नाई की दुकानों पर एक ही अस्तरे से सभी की दाढ़ी बनाई जाती थी। झोलाछाप भी एक ही सिरिंज को उपयोग के बाद गर्म पानी से धोकर इस्तेमाल करते थे। कोविड काल में परिस्थितियां बदलीं तो नाई ब्लेड वाले अस्तरे से दाढ़ी बनाने लगे और हर बार ब्लेड बदलने लगे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को आशंका है कि गांव में जो संक्रमण फैला है, वो कोविड से पहले का है। अब जांच में इसकी पुष्टि हुई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग अभी रोग फैलने के किसी ठोस कारण तक नहीं पहुंच पाया है। मरीजों की स्क्रीनिंग जारी है।
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जांच में ये बिंदु भी शामिल
जहांगीराबाद कस्बे में कई लोग दांत का भी इलाज करते हैं। यह दांत उखाड़ते व लगाते हैं। इसके अलावा लोग कारोबार के सिलसिले में बाहर भी जाते हैं। हो सकता है इन लोगों के बाहर किसी से यौन संबंध बने हों। वहीं, कई बार जरूरत पड़ने पर लोगों ने ब्लड भी डोनेट किया है। इन कारणों से भी रोग फैल सकता है। स्वास्थ्य विभाग की टीम इन बिदुंओं पर भी जांच कर रही है।
सोनसरी में भी स्पष्ट नहीं हो सका था कारण
बेहटा विकासखंड के सोनसरी गांव में करीब एक साल पहले एक साथ हेपेटाइटिस के 141 मरीज मिले थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया था कि गांव में एक झोलाछाप साइकिल से आता था और वही कई लोगों को एक ही सिरिंज से इंजेक्शन लगाता था। नाई भी गांव में चार से पांच थे। वह घर-घर जाकर दाढ़ी बनाते थे और एक ही अस्तरे का उपयोग करते थे।

गांव के सभी लोगों की होगी स्क्रीनिंगपहले चरण में सभी मरीजों की स्क्रीनिंग करानी है। मरीजों की संख्या तय होने के बाद इलाज शुरू कराया जाएगा। दूसरे चरण में रोग फैलने का कारण जानने की कोशिश की जाएगी। शुरुआत जांच में नाई व झोलाछाप से रोग फैलने का कारण समझ में आ रहा है। यह रोग कई वर्षों के पहले का हो सकता है लेकिन अभी इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं है।
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डॉ. दीपेंद्र वर्मा, जिला सर्विलांस अधिकारी
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