सीतापुर। हेपेटाइटिस का इलाज कराने के लिए गांजर इलाके के मरीजों को अब जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। वह अपने पड़ोस के सीएचसी तंबौर से इलाज करवा सकेंगे। जिला मुख्यालय के बाद सीएचसी तंबौर को भी हेपेटाइटिस इलाज का केंद्र बना दिया गया है।
तंबौर इलाके में सर्वाधिक हेपेटाइटिस के मामले सामने आ चुके हैं। सीएचसी तंबौर इलाके में पिछले छह माह के अंदर 175 लोग इससे संक्रमित मिल चुके हैं। हेपेटाइटिस के इलाज की सुविधा केवल जिला अस्पताल में उपलब्ध है। इससे मरीजों को यहां तक आने में लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की सहूलियत को देखते हुए सीएचसी तंबौर को भी हेपेटाइटिस का केंद्र बना दिया गया है। इस केंद्र पर जिले के किसी भी इलाके का मरीज आकर सुविधा हासिल कर सकता है। केंद्र पर मरीजों को हेपेटाइटिस सी की दवा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। लिवर की जांच होगी। वायरल लोड के लिए सीएचसी से ही सीधे सैंपल जिला अस्पताल भेज दिया जाएगा। मरीजों को जांच कराने के लिए भी जिला अस्पताल नहीं आना पड़ेगा। हेपेटाइटिस बी की दवा जिला अस्पताल से ही उपलब्ध हो सकेंगी।
इन इलाकों के मरीजों को होगा अधिक फायदा
इस केंद्र पर तंबौर, लहरपुर, बेहटा, रेउसा, बिसवां, महराजनगर, महमूदाबाद, लालपुर, परसेंडी, तालगांव आदि इलाकों के मरीज कम ही दूरी तय करके पहुंच सकेंगे और इलाज पा सकेंगे।
पूरा मिलेगा इलाज
हेपेटाइटिस मरीजों को जिले में पूरा इलाज दिया जा रहा है। मरीजों की सहूलियत को देखते हुए सीएचसी तंबौर से भी इलाज की सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है।
डॉ. सुरेश कुमार, सीएमओ