जिला अस्पताल में खून की जांच कराने के लिए कतार में खड़े मरीज व तीमारदार। - संवाद
सीतापुर। हेपेटाइटिस-बी के मरीजों को इलाज कराने में काफी परेशानी हो रही है। जिला अस्पताल से सैंपल लेने के बाद एक माह बाद लखनऊ मेडिकल कॉलेज से जांच रिपोर्ट आ रही है। इससे मरीजों की हालत बिगड़ जाती है। इस समय करीब 20 मरीजों की रिपोर्ट पेंडिंग चल रही है।
जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस बी व सी के इलाज की सुविधा उपलब्ध है। हेपेटाइटिस-सी की जांच यहीं हो जाती है। हेपेटाइटिस की पुष्टि की रिपोर्ट चार घंटे में मिल जाती है। वायरल लोड की जांच रिपोर्ट सात से 10 दिन के अंदर मिल जाती है।
हेपेटाइटिस-बी की जांच को लेकर संकट बना हुआ है। इसकी जांच के लिए जिला अस्पताल में सैंपल लेकर लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। वहां से जांच रिपोर्ट आने में अब काफी देरी हो रही है। एक माह पहले तक यह रिपोर्ट एक सप्ताह में आ जाती थी। अब यह एक माह बाद आ रही है। इससे मरीजों को इलाज कराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
मरीज हर्ष ने बताया कि एक सप्ताह पहले सैंपल दिया था। अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। रमेश ने बताया कि 10 दिन हो गए, जांच रिपोर्ट का पता नहीं है। लैब से मालूम करने पर बताया गया कि इंतजार कीजिए। लखनऊ से रिपोर्ट आने पर संपर्क करके बता दिया जाएगा।
इस समय अस्पताल में करीब 20 मरीजों की रिपोर्ट एक सप्ताह से पेंडिंग चल रही है। माइक्रो बायोलॉजिस्ट डॉ. अंबर अजीम का कहना है किट की वजह से देरी हो रही है।