सीतापुर। महमूदाबाद क्षेत्र में सड़कें ओवरलोड ट्रक और डंपरों की आवाजाही से उखड़ रही हैं। पुल भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। कुछ इसी तरह का नजारा नूरपुर स्थित शारदा नहर पुल पर देखने को मिला। पुल जर्जर हो गया है। मौके पर लगे सूचना बोर्ड को नजरअंदाज कर भारी वाहन लगातार पुल से गुजर रहे हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
नूरपुर स्थित शारदा नहर पर 1971 में पुल बना था। पुल बने 50 वर्ष से अधिक हो गए हैं। इसके स्थान पर दूसरा पुल बन रहा है। हालांंकि निर्माणाधीन दूसरे पुल का काम भी रुका पड़ा है। इसी पुल से होकर लोग रामपुर मथुरा, सेमरी, सदरपुर, थानगांव, रेउसा से होकर बहराइच तक जाते हैं।
पुल से सैकड़ों ट्रक व डंपर गिट्टी, मोरंग, बालू आदि लादकर प्रतिदिन निकलते हैं। इन वाहनों पर नंबर प्लेट भी नहीं होती है। इससे जब कभी भी कोई हादसा होता है तो पुलिस वाहन का पता भी नहीं लगा पाती।
सिंचाई विभाग ने पुल पर एक बोर्ड लगाकर चेतावनी भी लिखी है कि पुल 50 साल पुराना है। यह भारी वाहनों के अवागमन के लिए सुरक्षित नहीं है। फिर भी भारी वाले वाहन इसी पुल से होकर गुजरते हैं। इस मार्ग से जो ओवरलोड भारी वाहन निकल रहे हैं उनका परमिट राष्ट्रीय राजमार्ग का ही होता है।