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हाईवे पर करना पड़ता बसों का इंतजार

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सिधौली (सीतापुर)। करोड़ों की लागत से कस्बा क्षेत्र में बनाया गया बस स्टॉप निष्प्रयोज्य साबित हो रहा है। बसों का आवागमन न के बराबर होने से बस स्टॉप की हालत भी बेहद खराब हो चुकी है। नगर से होकर सीतापुर और लखनऊ जाने वाली रोडवेज की बसें हाइवे पर सवारी उतारकर रवाना हो जाती हैं। वहीं बस स्टॉप पर बैठे यात्री बसों के आने का इंतजार ही करते रह जाते हैं।
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कई बार बस पर चढ़ने के लिए यात्रियों को सड़क पर दौड़ तक लगानी पड़ जाती है। बस निकल जाने पर यात्रियों को मजबूरी में डग्गामार वाहनों से सफर करना पड़ता है। यात्रियों की सुविधा के लिए परिवहन विभाग ने करोड़ों की लागत से बस स्टॉप का निर्माण कराया था। लेकिन अब यह बस स्टॉप निष्प्रयोज्य जैसी हालत में पहुंच गया है। बस स्टॉप के यात्री प्रतीक्षालय में यात्रियों के बैठने के लिए लगी बेंच भी टूट चुकी हैं।
इसके बाद भी यात्री गर्मी और धूप से बचने के लिए बस स्टॉप के यात्री प्रतीक्षालय में बसों के आने का इंतजार करते हैं। लेकिन सीतापुर और लखनऊ जाने वाली अधिकांश बसें परिसर में आने के बजाय हाइवे से ही सवारियों को बैठाकर आगे की ओर रवाना हो जाती हैं। बस स्टॉप पर मौजूदा समय में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। जिम्मेदार भी यात्रियों की इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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विभागीय लापरवाही की बात की जाए तो बस स्टॉप परिसर में काफी समय पहले तेज आंधी से दो पेड़ गिर गए थे। जिन्हें अभी तक परिसर से हटाया नहीं जा सका है। शाम होते ही अराजक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है। जिसके चलते यात्री भी इस परिसर में आना उचित नहीं समझते।
बस स्टाप प्रभारी विनोद कुमार भृगु ने बताया कि बस स्टॉप पर एक बुकिंग क्लर्क, एक सफाईकर्मी, दो निजी सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। इस रूट पर विभिन्न डिपो की सैकड़ों बसें गुजरती हैं। लेकिन परिसर में नाम मात्र ही आती हैं। चालकों पर कार्रवाई भी होती है। एक दो दिन स्थिति ठीक रहने के बाद फिर वही स्थिति हो जाती है।
यात्रियों को होती परेशानी
अभिषेक वर्मा ने बताया कि बसों के अंदर न आने से यात्रियों को परेशानी होती है। यात्रियों को बच्चों व महिलाओं के साथ सामान लेकर कभी-कभी बसों के पीछे हाईवे पर भागना भी पड़ता है। इन्हीं समस्याओं से बचने के लिए लोग बसों की अपेक्षा डग्गामार वाहनों से यात्रा करने को मजबूर हो जाते हैं।
रवि शर्मा बताते हैं कि रोज सफर करने वाले यात्रियों ने पहले एमएसटी बनवा रखी थी। लेकिन बस चालकों की मनमानी के चलते कई यात्रियों ने दोबारा एमएसटी नहीं बनवा रहे हैं। देखा जाए तो अव्यवस्थाओं के चलते सिधौली से लखनऊ और सीतापुर के लिए रोजाना सफर करने वाले यात्रियों में कमी आई है। आलोक जायसवाल कहते हैं कि परिवहन विभाग को यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखना पड़ेगा। जिस तरह के हालत सिधौली बस स्टॉप पर हैं।
इससे यात्रियों को काफी असुविधा होती है। ऐसे में विभाग को मिलने वाले राजस्व में कमी आएगी। अनूप तिवारी ने बताया कि विभाग ने करोड़ों की लागत से बस स्टॉप तो बना दिया। लेकिन अब उसके रखरखाव में लापरवाही कर रहा है। अगर विभाग बस स्टॉप पर सही ढंग से सुविधा प्रदान करे तो डग्गामार वाहनों पर अंकुश लग सकेगा। इसके साथ विभाग का राजस्व भी बढ़ेगा।
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