सीतापुर। सीतापुर शहर से निकलने वाला कूड़ा अब इधर-उधर नहीं फेंका जाएगा। इसे परिवर्तित करके प्रयोग लायक बनाया जाएगा। यह व्यवस्था शहर में तीन मैटिरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर के माध्यम से शुरू की जाएगी। प्राइवेट प्रोजेक्ट के तौर पर फिलहाल पुराने सीतापुर में एक एमआरएफ सेंटर शुरू हो गया है। इसके जरिए दो वार्डों का कूड़ा निस्तारण हो रहा है। फिर इसका दायरा बढ़ाकर सभी 30 वार्डों में कर दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी एक संस्था को दी जाएगी। संस्था से अनुबंध को लेकर प्रक्रिया चल रही है।
इससे शहरवासियों को शहर में इधर-उधर कूड़ा डंप किए जाने के बाद उठने वाली बदबू से निजात मिल जाएगी। सीतापुर शहर में अभी तक कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं थी। नगर पालिका द्वारा मोहल्लों से कूड़ा उठान करके नैपालापुर स्थित डंपिंग ग्राउंड व अन्य स्थानों पर लगा दिया जाता था। जिसके कारण मवेशी इस कूड़ा करकट को बिखेरकर फिर से सड़क पर ला देते थे।
इसकी वजह से उठने वाली दुर्गंध लोगों को परेशान कर रही थी। अब इस समस्या से शहरवासियों को निजात मिल सकेगी। कूड़ा निस्तारण के लिए पुराने सीतापुर में एमआरएफ सेंटर बनाया गया है। इस सेंटर पर कोट व कजियारा मोहल्ले का कूड़ा निस्तारित किया जा रहा है। अब यह कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था पूरे शहर के कूड़े पर लागू की जाएगी। इसके लिए शहर में अन्य दो और एमआरएफ सेंटर बनाए जाएंगे।
जिनके जरिए रोजाना शहर से निकलने वाले कूड़े का आसानी से निस्तारित किया जाएगा। इन दो सेंटरों को जल्द बनाने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द इनका भी निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इससे शहरवासियों को शहर में जगह-जगह लगने वाले कूड़े के ढेर से निजात मिल सकेगी। कूड़े को मशीनों के माध्यम से परिवर्तित करके प्रयोग लायक बनाया जाएगा। इसके लिए जिम्मेदारी एक संस्था को दी जाएगी। इस संस्था के साथ नगर पालिका अनुबंध करने की तैयारी कर रही है। यह संस्था कूड़ा उठान कराकर निस्तारण कराना सुनिश्चित करेगी।
सूखा व गीला कूड़ा होगा अलग
सफाई कर्मचारी मोहल्ले से सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग लाएंगे। इस सेंटर के माध्यम से इन दोनों कूड़े में से पॉलीथिन व ठोस पदार्थ अलग-अलग किए जाएंगे। फिर उसके बाद इनको परिवर्तित किया जाएगा। अभी कोट सेंटर पर केवल कूड़े को अलग-अलग करके एकत्र किया जा रहा है। धीरे-धीरे इसको प्रयोग लायक बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे शहर की करीब दो लाख आबादी को फायदा मिलेगा।
लोगों को किया जागरूक
नगर पालिका के सफाई इंस्पेक्टर जोगेंद्र सिंह ने मंगलवार को शहर के विभिन्न वार्डों में लोगों को सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने लोगों को बताया कि किस तरह से कूड़ा अलग-अलग देंगे। इसके क्या फायदे है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह खुले में कूड़ा करकट बिल्कुल न डाले। कूड़े को डस्टबिन में ही डालें। घर आने वाले सफाई कर्मचारी को कूड़ा दें।
शुरू हो गई है व्यवस्था
शहर में कूड़ा निस्तारण के लिए पुराने सीतापुर में एक एमआरएफ सेंटर शुरू हो गया है। इससे कूड़ा निस्तारण किया जा रहा है। जल्द ही पूरे शहर के कूड़ा निस्तारण के लिए अन्य एमआरएफ सेंटर भी बनाए जाएंगे।
- वैभव त्रिपाठी, ईओ, सीतापुर