शहर के लालबाग पार्क में आज गाजे-बाजे के बीच गजानन विराजमान होंगे। दस दिवसीय गणेश उत्सव के लिए यहां पंडाल सज गया है। मुंबई से लाई गई विहंगम गणेश प्रतिमा का शृंगार किया जा रहा है। गणेश महोत्सव का यह कार्यक्रम दस दिनों तक चलेगा। इस दौरान भजन-पूजन के साथ रासलीला का मंचन भी होगा। पांच सितंबर को मूर्ति विसर्जन किया जाएगा।
मालूम हो कि जिले का सबसे बड़ा गणेश महोत्सव का आयोजन लालबाग में होता है। यहां गणेश चतुर्थी (25 अगस्त) को धार्मिक आयोजनों के साथ विघ्न विनाशक गणेश जी की भव्य स्थापित की जाएगी। गुरुवार को मूर्ति की सजावट को अंतिम रूप दिया गया। दस दिन तक चलने वाले इस महोत्सव में 25 अगस्त से 5 सितंबर तक भजन, पूजन और आरती के कार्यक्रम होंगे।
रासलीला का मंचन भी होगा। गणेश चतुर्थी के दिन संतोषी माता मंदिर से शोभा यात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा शहर में भ्रमण करते हुए शाम 5.30 बजे लालबाग पहुंचेगी। यहां विधि विधान से प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। यहीं रोज सुबह दस बजे और रात नौ बजे आरती होगी।
दोपहर एक बजे से चार बजे तक और शाम 7 बजे से 12 बजे तक वृंदावन के कलाकार रासलीला का मंचन करेंगे। चार सितंबर की रात्रि जागरण होगा। अंतिम दिन पांच सितंबर को शोभायात्रा निकाल कर गोपालघाट पर मूर्ति विसर्जन किया जाएगा। गणेश महोत्सव समिति के अध्यक्ष पालू रस्तोगी ने बताया कि उत्सव की सारी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं।
देश भर में गणेश महोत्सव की सबसे ज्यादा धूम मुंबई में होती है। बॉलीवुड की फिल्मों में भी गणपति बप्पा छाए रहते हैं। अपने शहर पर भी मुंबइया समारोह की छाप है। यहां का महोत्सव न सिर्फ मुंबई की तर्ज पर आयोजित किया जाता है, बल्कि हर साल मुबंई से गणपति की मूर्ति लाई जाती है। अबकी करीब दस फिट की भव्य प्रतिमा मंगाई गई है।