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साथ जिए, साथ मरे और एक साथ ही हुआ कफन-दफन

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बिसवां (सीतापुर)। वैसे तो अतीक और शायरा दोनों की ही ये दूसरी शादी थी, लेकिन अब दोनों हमकदम हो जिंदगी के ढर्रे पर एक साथ चल रहे थे। दोनों के साथ मौत की नींद सोने वाले दो बच्चे अतीक के तो नहीं थे लेकिन शायरा के पहले पति के इन बच्चों को वह अपने बच्चों की तरह ही पिता का लाड़-प्यार दे रहा था। अतीक और शायरा अपने चार बच्चों सहित एक साथ जिए, एक साथ मरे और एक साथ ही उनका कफन-दफन किया गया।
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अतीक मूलत: कानपुर के रेल बाजार इलाके के सुजातगंज नईबस्ती का निवासी था, लेकिन जब से उसकी शादी शायरा से हुई, तब से वह शायरा के मायके चंदन महमूदपुर गांव में रहता था। यहां के बाद अब वह फैक्टरी में रहने लगा था। बुधवार को जलालपुर के पास स्थित दरी फैक्टरी में मौत के बाद अतीक, उसकी पत्नी शायरा, पुत्री आयशा (12), आठ वर्षीय बेटे आफरोज व डेढ़ वर्षीय बेटे फैसल के शवों को देर रात चंदन महमूदपुर ले जाया गया।
गांव में एक साथ पांच लाशें पहुंचने से कोहराम मच गया। पूरा का पूरा परिवार खत्म होने से हर कोई स्तब्ध था। शुक्रवार की सुबह होते ही लोगों ने शवों के अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कीं। जुमे की नमाज के बाद एक साथ पांच जनाजे सजा कर नहर किनारे स्थित कब्रिस्तान ले जाए गए। वहां जनाजे की नमाज के बाद एक के बाद एक पांचों शवों का कतारबद्व अंतिम संस्कार किया गया।
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पहले अतीक, फिर शायरा और उसके बाद उसकी बेटी और क्रमवार दोनों बेटों की लाशों को सुपुर्देखाक कर दिया गया। वहां हर आंख नम थी। मृतकों के परिवारीजन शोक में डूबे थे। बताते हैं कि शायरा अतीक की दूसरी बीवी थी, इसी तरह अतीक भी शायरा का दूसरा पति था। इनके साथ मौत की नींद सोई बारह साल की आयशा व आफरोज की मां तो शायरा ही थी, लेकिन पिता रमजान था।
चंदन महमूदपुर गांव में परिवार के पांच लोगों की मौत के अंतिम संस्कार में कई जनप्रतिनिधि भी पहुंचे। क्षेत्रीय भाजपा विधायक महेंद्र यादव, पूर्वमंत्री, सपा महमूदाबाद विधायक नरेंद्र वर्मा, एमएमसी आनंद भदौरिया, पूर्व विधायक निर्मल वर्मा, अफजाल कौसर, ब्लॉक प्रमुख राकेश वर्मा, फिरोज कौसर, प्रधान शमशुददीन आदि मौके पर पहुंचे थे।
घटना में मारे गए लखनऊ के माले खां सरायं चौक निवासी अतीक अंसारी उर्फ मोटू उर्फ पहलवान (55) पुत्र फारूक का शव उसके परिवार के लोग लखनऊ ले गए। उसका अंतिम संस्कार लखनऊ में हुआ, जबकि मामा उर्फ अनवर (70) वर्ष को उसके गांव बिसवां इलाके के क्योंटी बादुल्ला ले जाया गया। उसके बेटे शव को गांव ले गए। जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया।
घटना के बाद डीएम के आदेश पर केमिकल फैक्टरी सीज कर दी गई है। साथ ही एएसपी महेंद्र सिंह चौहान की मौजूदगी में नगर पालिका आदि की टीमों ने घटना का कारण बने केमिकल का असर खत्म करने के लिए जेसीबी से बालू व मिटटी डलवाई गई। इस दौरान मौके पर बिसवां के अलावा सकरन, मानपुर, खैराबाद आदि थानों का फोर्स भी मुस्तैद रहा।
घटना के बाद खिली धूप के दौरान बुधवार दिन में कैमिकल की दुर्गंध व हल्का असर तो दिख रहा था, लेकिन रात में केमिकल का असर ज्यादा जान पड़ रहा था। एएसपी महेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सर्द रात में जब वहां पुलिस टीम मुस्तैद थी। उस वक्त केमिकल का असर ज्यादा महसूस हो रहा था।
घटना की तह तक जाने में जुटी पुलिस अब तक इस मामले में कई लोगों को पकड़ लाई है। फैक्टरी मालिक सोकेश गुप्ता व चौकीदार सिराजुददीन के अलावा पुलिस कानपुर से विकास नाम के व्यक्ति को उठाया है। सूत्र बताते हैं कि विकास कानपुर के एमएलए लाजिस्टिक कंपनी का संचालक है। वह केमिकल व्यावसाइयों को संसाधन मुहैया कराता है। उसको पूछताछ के लिए लाया गया है। इसके अलावा अन्य जनपदों से चार अन्य लोगों को पकड़ कर उनसे पूछताछ की जा रही है।
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