आठ दिन बाद फिर मिले बाघिन के ताजा पगचिह्न
संदना। करीब डेढ़ माह से इलाके में दहशत का कारण बनी बाघिन के आठ दिन बाद शनिवार को फिर ताजा पगचिह्न मिले हैं। इमलीपुरवा गांव के पास पगचिह्न मिलने से वन विभाग ने उसकी मौजूदगी की पुष्टि मानते हुए तलाश तेज कर दी है। ग्रामीणों में भी दहशत बढ़ गई है।
मिश्रिख वन रेंज के रसुलवा निवासी किसान कमल किशोर पर 15 जुलाई को खेत में बाघिन ने हमला किया था। हमले में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद से वन विभाग की टीम लगातार बाघिन की तलाश कर रही है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है।
शनिवार को टीम ने इमलीपुरवा, मधवापुर, रसुलवा और बहादुरपुरवा के आसपास कांबिंग की। इस दौरान इमलीपुरवा के पास ताजा पगचिह्न मिले। पिछले आठ दिनों से पगचिह्न नहीं मिलने के कारण बाघिन के क्षेत्र से निकल जाने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन नए पगचिह्नों ने इन पर विराम लगा दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि खतरा अभी टला नहीं है। गन्ने के खेतों में काम करने, पशुओं के लिए चारा लाने और चराने में भी डर लग रहा है।
मिश्रिख रेंजर सिकंदर सिंह ने बताया कि इमलीपुरवा के पास आठ दिन बाद बाघिन के नए पगचिह्न मिले हैं। इनके आधार पर उसकी दिशा और गतिविधि का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। बारिश के कारण कांबिंग में कुछ दिक्कत आ रही है।