जिला पंचायत अध्यक्ष की मलाईदार कुर्सी के लिए जोड़तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है। डीडीसी सदस्यों पर डोरे डालने को बोलियां लग रही हैं।
चुनावी समीकरण को अपने पक्ष में करने के लिए उम्मीदवार तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। कोई जिला पंचायत सदस्यों को रुपये का लालच दे रहा है तो कोई चौपहिया वाहन का।
इन सबके बीच डीडीसी सदस्यों की मौज है। कई सदस्य इन दिनों विदेशों में सैर-सपाटे का मजा ले रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद अपने बजट के लिए अहम माना जाता है।
जिले का प्रथम नागरिक बनने के लिए लोग कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। यहां ठेके व जिला योजना के रूप में 80 करोड़ से लेकर करीब एक अरब के बीच बजट आता है।
यही वजह है कि इस पद पर कब्जा जमाने के लिए हर कोई लालायित रहता है। जिले में भी नामांकन के बाद जिला पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए गुणा-भाग शुरू हो गया है।
शहर से जुड़ी सीट से एक जिला पंचायत सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक वोटर को दस लाख रुपये व टॉप माडल की लग्जरी गाड़ी देने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही चुनाव जीतने पर सिंगापुर या फिर मलेशिया का टूर पैकेज देने को कहा है।
हालांकि जिले के तमाम जिला पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए प्रत्याशी इन दिनों उनके परिवार को नेपाल के काठमांडू के अलावा पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, महाराष्ट्र व गोवा की सैर करा रहे हैं। हालांकि प्रत्याशी इस बात से इन्कार कर रहे हैं कि उन्होंने किसी भी वोटर को धन व उपहार का लालच दिया है।