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दो अधिकारियों समेत चार और संक्रमित

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सीतापुर। जिले में कोरोना का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। मरीजों के मिलने का सिलसिला तेज हो गया है। बुधवार को विकास भवन के जिला ग्राम्य विकास दफ्तर के संख्या सहायक अधिकारी (डीआरडीए) समेत चार और मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसमें एक महिला भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने शाम को विकास भवन को सैैनिटाइज कराया।
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कोरोना संक्रमण की रफ्तार अब जिले में भी तेज होती जा रही है। पिछले तीन दिनों में 17 मरीजों के मिलने के बाद बुधवार को फिर से चार और संक्रमित मिले हैं। सदर क्षेत्र के नोडल अधिकारी डॉ. उदय प्रताप सिंह ने बताया कि बुधवार को आई कोरोना की रिपोर्ट में विकास भवन स्थित जिला ग्राम्य विकास दफतर के डीआरडीए संजय प्रसाद, संजय निगम कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
दोनों लखनऊ में हैं। दोनों की कोरोना की जांच राममनोहर लोहिया अस्पताल की है। विकास भवन को सैनिटाइज कराकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसीएमओ डॉ. पीके सिंह ने बताया कि दो लोग और कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उसमें से एक महिला भी है। एसीएमओ का कहना है कि अब जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है।
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रिपोर्ट को लेकर खड़े हुए सवाल
बुधवार को राममनोहर लोहिया की रिपोर्ट में डीआरडीए के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग के पास जो रिपोर्ट आई है, वह हैरान कर देने वाली है। एसीएमओ डॉ. उदय प्रताप सिंह ने बताया कि रिपोर्ट में विकास भवन के दोनों अधिकारियों का पता नहीं डाला गया है। एक डीआरडीए की उम्र 63 साल दर्शा दी गई है, जबकि इतनी उम्र में कोई सरकारी कर्मचारी नौकरी नहीं कर सकता। इसी को लेकर रिपोर्ट पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
संक्रमित के संपर्क में आने वाले 25 की हो रही जांच
एसीएमओ डॉ. पीके सिंह ने बताया संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वाले की ट्रेसिंग के लिए कम से कम 25 लोगों की जांच कराई जा रही है। उसकी कांटेक्ट हिस्ट्री निकाली जा रही है। इनकी जांच पहले एंटीजन से होती हैं।
आरटीपीसीआर से कराई जाती है। बताते हैं कि लक्षण वालों की जांच आरटीपीसीआर और बिना लक्षण वालों की जांच एंटीजन से होती है। एंटीजन के बाद आरटीपीसीआर भी कराई जाती है। 55 साल के अंदर मिलने वाले कोरोना संक्रमित को होम आइसोलेशन और 55 के ऊपर वालों को अस्पताल में भर्ती करने की गाइड लाइन है।
अब रोजाना 1800 लोगों की जांच का लक्ष्य
कोरोना संक्रमण के बढ़ने के साथ ही जांच की रफ्तार बढ़ाने पर भी सरकार फोकस कर रही है। जिले में पहले 1800 जांचें होती थीं, लेकिन बीच में संख्या 1000 पर आ गई थी। अब फिर से रोजाना 1800 जांच का टॉरगेट आ गया है।
एसीएमओ का कहना है कि होली की वजह से जांच का टॉरगेट पूरा नहीं हो पा रहा था। 1200 के करीब जांच होती थी, लेकिन बुधवार से जांचों की संख्या बढ़ा दी गई है। अब 1800 जांचें प्रतिदिन की जाएंगी, जिसमें 1000 एंटीजन और 800 आरटीपीसीआर की जांच हैं।
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