सीतापुर। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक व बॉयोगैस प्रौद्योगिकी के जनक डॉ. राम बख्श सिंह की चार महत्वपूर्ण पुस्तकों को केंद्र सरकार के कोलकाता स्थित नेशनल लाइब्रेरी ने स्थायी संग्रह के रूप में स्थान मिला है। यह उपलब्धी डॉ. सिंह की उस गौरवशाली शृंखला का अगला पड़ाव है, जिसमें नेशनल आर्काइव्स ऑफ इंडिया ने उनकी दुर्लभ धरोहर को अपने संग्रह में शामिल किया है।
वहीं, भारतीय डाक विभाग द्वारा भी डॉ. सिंह पर स्मारक डाक टिकट जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। दूरदर्शन के मॉर्निंग शो में उनके जीवन और योगदान पर विशेष कार्यक्रम भी प्रसारित हो चुका है। अब, नेशनल लाइब्रेरी द्वारा पुस्तकों का स्थायी संग्रहण, इस बात का प्रमाण है कि डॉ. सिंह की वैज्ञानिक धरोहर राष्ट्रीय स्तर पर आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त कर रही है। इससे सीतापुर का नाम देश में रोशन हुआ है।
इनसेट
नेशनल लाइब्रेरी द्वारा दर्ज की गई कृतियां
बॉयो गैस प्लांट (डीबीए000200832), गोबर गैस : भविष्य का ईंधन, बॉयो गैस प्लांट: डिजाइनस विद स्पेसिफिकेशंस (डीबीए000200833) और जनता बॉयो गैस प्लांट्स: प्रिलमिनरी रिपोर्ट ऑन डिजाइन एंड कॉस्ट (डीबीए 000200834) को नेशनल लाइब्रेरी में स्थान मिला है।