सीतापुर। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में सपा के पूर्व विधायक राधेश्याम जायसवाल दोषी पाए गए हैं। मंगलवार को एमपी/एमएलए कोर्ट ने उन्हें इस मामले में दो साल की सजा सुनाई। हालांकि अपील का अवसर देते हुए उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। वहीं इस मामले के आरोपी 11 अन्य लोग बरी कर दिए गए।
13 जुलाई 2008 को नगर पालिका के ईओ निहालचंद की अगुवाई में लालबाग से घंटाघर तक अतिक्रमण हटाया जा रहा था। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी आदि मौजूद थे। तभी तत्कालीन सपा विधायक राधेश्याम जायसवाल अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का विरोध किया था। जिसके बाद वहां पर मौजूद भीड़ उग्र हो गई। फिर पथराव भी हुआ था।
इस मामले के विधायक के अलावा नामजद आरोपी विजय पुत्र शिवनारायण व विजय पुत्र रामचंद्र, गुरुतेज, सुरेश चंद्र व राजू की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए राजेंद्र कुमार सिंह ने पूर्व सपा विधायक राधेश्याम जायसवाल को दोषी पाते हुए दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। वहीं अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया। कोर्ट ने पूर्व विधायक को अपील का अवसर देते हुए जमानत पर रिहा कर दिया।