सीतापुर। सदर तहसील क्षेत्र की भगवानपुर ग्राम सभा में तालाब में दर्ज एक सरकारी जमीन पर पूर्व प्रधान की आलीशान कोठी बनकर तैयार हो गई। दस्तावेज खंगाले जाने पर शिकायत सही मिलने पर तहसीलदार सदर न्यायिक ने जांच के बाद पूर्व प्रधान पर 60 हजार रुपये जुर्माना लगाने की कार्रवाई की है। बीते दिनों इसी मामले में जांच के लिए पहुंचे नायब तहसीलदार से अभद्रता तक हो चुकी हैं।
भगवानपुर ग्राम सभा की गाटा संख्या 39 रकबा 648 हेक्टेयर में से 0.30 हेक्टेयर पर पूर्व प्रधान की कोठी बनी है। जबकि सरकारी अभिलेख में यह भूमि तालाब में दर्ज है। जांच में सामने आया कि जिस जमीन पर पूर्व प्रधान अनवरजहां का मकान बना है, वह तालाब की जमीन है। इस पर कब्जा कर कोठी बनाई गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार सदर न्यायिक ने पूर्व प्रधान पर 60 हजार से अधिक का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही मकान को ध्वस्त करने की कार्रवाई भी जल्दी की जाएगी।
जांच टीम ने तीन घंटे खंगाले जरिगवां विकास कार्याें के अभिलेख, मिलीं खामियां
कल्ली चौराहा / गोंदलामऊ। विकास खंड क्षेत्र गोंदलामऊ की ग्राम पंचायत जरिगवां में शुक्रवार को अधूरे अमृत सरोवर व अन्य विकास कार्याें की जांच के लिए टीम पहुंची। अमर उजाला ने जरिगवां में दो साल में भी आकार नहीं ले सका अमृत सरोवर शीर्षक से शुक्रवार के अंक में खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी ने डीसी एसएलआरएम एसपी सिंह और सहायक अभियंता सिंचाई खंड रणजीत सिंह को जांच के निर्देश दिए। वहीं, इस मामले में जरिगवां निवासी डाॅ. अजय कुमार पाल ने भी शपथ पत्र देकर विकास कार्यों में हेराफेरी की शिकायत की थी।
जांच समिति ने शुक्रवार को सभी आरोपों की करीब तीन घंटे तक जरिगवां पहुंचकर पड़ताल की। इस दौरान कई अनियमितताएं उजागर हुईं। टीम ने अमृत सरोवर, विद्यालय और पंचायत भवन जाकर कार्यों को देखा। इस बीच विद्यालय में मिट्टी के कार्यों की जांच के समय प्रधान प्रतिनिधि संजय सिंह और शिकायतकर्ता में नोकझोंक भी हो गई। मामला हाथापाई तक पहुंच गया। डीसीए एसएलआरएम के सामने ही दोनों पक्षों में धक्कामुक्की भी हो गई।
डीसी एसएलआरएम एसपी सिंह और सहायक अभियंता सिंचाई खंड रणजीत सिंह ने जरिगवां ग्राम पंचायत में कार्यों की जांच की। उन्होंने पंचायत भवन में बैठकर दस्तावेजों का निरीक्षण किया। पंचायत भवन में कराए गए कार्यों व उच्च प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्रीवाॅल व इंटरलॉकिंग का कार्य देखा। हैंडपंप रिबोर, अमृत सरोवर और ड्रेन खुदाई के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। दोपहर 12 बजे पहुंची टीम निरीक्षण के बाद करीब तीन बजे वापस हुई। डीसी एसएलआरएम एसपी सिंह ने उच्चाधिकारियों को जांच रिपोर्ट सौंपने की बात कही।