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75 गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचा

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सीतापुर। तराई इलाके में अब चौका व किवानी नदियां कहर मचा रही हैं। चौका नदी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई जबकि रामपुर मथुरा व रेउसा इलाके के करीब 75 गांवों में इन नदियों का पानी पहुंच गया है। वहीं रेउसा बीआरसी भी पानी में डूब गई है। इससे बाढ़ पीड़ितों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
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सांडा संवाद के अनुसार सकरन थानाक्षेत्र की ग्राम पंचायत मोहारी के मजरा गड़रियनपुरवा सोहरिया निवासी वीरेंद्र यादव (38) गुरुवार रात हापुड़ से घर लौटा। शुक्रवार सुबह वह चौका नदी के समीप स्थित खेत देखने गया था। खेत में पानी भरा होने के चलते उसने पैंट उतारकर कंधे पर रख लिया। चौक नदी के पास पहुंचने पर उसकी पैंट कंधे से गिरकर पानी में बहने लगी।
पैंट की जेब में दो हजार रुपये भी थे। उसी को पकड़ने के चलते वह नदी के गहरे पानी में चला गया। उसको डूबता देख शौच के लिए गए ग्रामीणों ने दौड़कर उसे बचाने का प्रयास किया। तब तक उसकी डूबने से मौत हो चुकी थी। सब इंस्पेक्टर अश्मित भारती ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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रेउसा संवाद के अनुसार शारदा व सरयू नदी का जलस्तर लगातार कम हो रहा है लेकिन किवानी व चौका नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। शुक्रवार को बिसवां तहसील के करीब 50 गांवों के अंदर नदी का पानी पहुंच गया। बीआरसी परिसर में पानी भर गया है। रेउसा के मजरा बरौली, शेखनपुरवा व बेहड़ापुरवा आदि गांवों के हालात खराब हैं। संपर्क मार्गों पर पानी आ गया है। जानवरों को सूखे स्थान पर बांधने के लिए संकट खड़ा हो गया है।
रामपुर मथुरा संवाद के अनुसार इलाके में चौका व गोबरहिया नदियों का पानी ग्राम पंचायत बांसुरा, बरियारपुर, छतौनी, टेरवा मनिकापुर, दहला, धौराहरा, पारा रामनगरा सहित 25 गांवों में पहुंच गया है। इससे करीब 30 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। बांसुरा, सरैंया, कोठवल व जरावन, छतौनी व टेरवा सहित कई मजरों के घरों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया है। सबसे ज्यादा दिक्कत पशुपालकों को हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि पशुओं के लिए रखा भूसा पानी में डूब गया है। देशी लौकिया स्थित गो-आश्रय स्थल में पानी भर जाने से वहां रखा चारा व भूसा खराब हो गया है। पशु चिकित्सा अधिकारी रामपुर मथुरा डॉ. राकेश मलिक ने बताया कि गो-आश्रय स्थल में पानी भर जाने की सूचना सभी अधिकारियों को दे दी गई है।
रेउसा तहसील क्षेत्र बिसवां की ग्राम पंचायत म्योढ़ी छोलहा के धूसपुरवा, पासिनपुरवा, भद्मिरपुरवा, श्रीरामपुरवा में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं लेकिन वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें नहीं पहुंच रही हैं। इससे लोगों का दर्द बढ़ता ही जा रहा है। इन गांवों के रामबचन, सुरेश, नितेश, मौजी, जगेश्वर, मन्नीलाल, महारानी सहित तमाम लोग बीमार हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनूप पांडेय ने बताया कि संपर्क मार्गों पर पानी होने की वजह से गांवों में टीमें नहीं पहुंच पा रही हां। कैंप किए जा रहे थे। अब टीमों को गांवों में भेजा जाएगा।
डीएम विशाल भारद्वाज ने शुक्रवार को लहरपुर तहसील क्षेत्र की बाढ़ चौकी दंडपुरवा का निरीक्षण कर बाढ़ राहत कार्यों को देखा। उन्होंने खेतीबाड़ी को हुए नुकसान का सर्वे शीघ्र पूर्ण कराते हुए राहत राशि का वितरण शीघ्रता से सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिया। प्राथमिक विद्यालय दंडपुरवा का निरीक्षण कर बच्चों को बिस्कुट वितरित किए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम लहरपुर पंकज प्रकाश राठौर सहित संबंधित अफसर उपस्थित रहे।
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