सीतापुर। बैराजों के पानी व बारिश से जिले में सरयू व शारदा नदी में उफान बढ़ गया है। मंगलवार को शारदा का पानी खतरे का निशान छूने को बेताब रहा। पानी खतरे के निशान से सिर्फ 0.59 मीटर ही दूर है। सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 1.20 मीटर नीचे है। रामपुर मथुरा इलाके में तटवर्ती खेतों का लहरें धीमी गति से कटान कर रही हैं। मंगलवार को बैराजों से 3.58 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे बेहटा, रेउसा व रामपुर मथुरा इलाके में तटवर्ती 65 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। संभावित बाढ़ को लेकर गांजरवासी सहमे हुए हैं।
नेपाल का पानी सीतापुर में हर साल तबाही मचाता है। बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने से यहां के तराई इलाके बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। कई दिन से तीनों बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ती जा रही है। मंगलवार को अब तक का सबसे ज्यादा 3.58 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी बुधवार तक सीतापुर पहुंचने पर हालात बिगड़ सकते हैं। संभावित बाढ़ को लेकर रेउसा, रामपुर मथुरा व बेहटा इलाके के तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
महमूदाबाद एसडीएम अभिषेक प्रियदर्शी ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित अंगरौरा, अखरी व अटौरा गांव का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इस दौरान महमूदाबाद तहसीलदार उमाशंकर त्रिपाठी, नायब तहसीलदार राकेश कुमार, कानूनगो बीरेंद्र सिंह, लेखपाल रवींद्र वर्मा, विनोद कुमार, जन्मेजय सिंह आदि मौजूद रहे।
सरयू में उफान से ग्रामीण सहमे
रामपुर मथुरा। अंगरौरा के पास लगे मीटर गेज पर मंगलवार को सरयू नदी का जलस्तर 117.80 मीटर दर्ज किया गया। पानी खतरे के निशान 119 मीटर से महज 1.20 मीटर नीचे है। सरयू में उफान से सोन्तिपुरवा, अखरी, कनरखी, शुकुलपुरवा जगरूपपुरवा, बचऊपुरवा, लोधनपुरवा, निरंजनपुरवा, बख्शीपुरवा, कनरखी घाट, प्यारेपुरवा, नागेश्वरपुरवा, धान्धी समेत 45 से अधिक गांवों के लोग दहशत में हैं। ग्रामीणों के अनुसार खेतों में कटान करते हुए लहरें आबादी की तरफ बढ़ रही हैं। यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो बुधवार तक लहरें नदी के दायरे से बाहर निकलकर आबादी को चपेट में ले सकती हैं।
चहलारी घाट पुल की कोठियां छूने को बेताब हैं लहरें
रेउसा। सरयू व शारदा नदी की लहरों ने 15 से ज्यादा तटवर्ती गांवों के बाशिंदों की नींद उड़ा दी है। पानी राजू गैस एजेंसी के पास तक पहुंच गया है। निचले हिस्सों की ओर तेजी से पानी का बहाव देखा जा रहा है। सरयू की लहरें चहलारी घाट पुल की कोठियों को छूने को बेताब हैं। मरैली, पासिन पुरवा, दुर्गा पुरवा, गार्गी पुरवा, लोधन पुरवा, नगीना पुरवा दरजिन रेती समेत 15 तटवर्ती गांवों से पानी महज 100 से 150 मीटर दूर है। राम नरेश यादव, संतोष, मुनेश्वर का कहना है कि मंगलवार को बैराजों से भारी मात्रा में छोड़ा गया पानी यहां किसी भी समय बाढ़ के हालात उत्पन्न कर सकता है। इससे लोग घबराए हुए हैं।
बरती जा रही सतर्कता
संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। सतर्कता बरती जा रही है।
- अभिषेक प्रियदर्शी, एसडीएम महमूदाबाद
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बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में टीमें लगातार भ्रमण कर हालात पर नजर बनाए हुए हैं। नदियों का जलस्तर धीमी गति से बढ़ रहा है। फिलहाल बाढ़ की स्थिति नहीं है। बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूरी हैं।
- अनिल कुमार राम, तहसीलदार बिसवां
रामपुर मथुरा में निरीक्षण करते एसडीएम व बसंतापुर के पास हो रहा कटान। - संवाद