गोंदलामऊ (सीतापुर)। कैलाश आश्रम तीर्थ में जल में रविवार को कई मछलियां उतराती मिलीं। यह हाल तब है जब पौराणिक 84 कोसी परिक्रमा शुरू होने में सिर्फ एक पखवारा बचा है। परिक्रमा में देश-विदेश से संत-महंत व श्रद्धालु शामिल होते हैं।
नैमिषारण्य से 18 फरवरी को डंका बजने के साथ 84 कोसी परिक्रमा शुरू होगी। इस परिक्रमा पथ पर 11 पड़ाव हैं। हर पड़ाव पर परिक्रमार्थी डेरा डालकर रात्रि विश्राम करते हैं। परिक्रमा मार्ग पर अब तक गंदगी की भरमार है। दूसरे पड़ाव हरैया जाने वाला मार्ग भी अब तक दुरुस्त नहीं कराया गया है। यहां से कैलाश आश्रम जाने वाले मार्ग पर पड़ने वाले पुल पर रेलिंग नहीं है। कैलाश आश्रम के तीर्थ का जल गंदा व दूषित है। रविवार को दर्जनों मछलियां मर गईं। उतारती मिलीं।
एसडीएम मिश्रिख अभिनव यादव ने बताया कि कैलाश आश्रम के तीर्थ में दो दिन के अंदर स्वच्छ जल सही भरवा दिया जाएगा। कुछ मृत मछलियां निकलवाई गई हैं, शेष मृत मछलियों को जल्द निकलवा दिया जाएगा। मार्ग जहां क्षतिग्रस्त है समय रहते दुरुस्त कराया जाएगा।