सीतापुर। शहर के रोटी गोदाम मोहल्ले में स्थित दवा भंडार में बुधवार सुबह अचानक आग लग गई। लपटों में कई दस्तावेज, प्रचार सामग्री, दवाइयां भी जल गईं। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया।
रोटी गोदाम मोहल्ले में एएनएम प्रशिक्षण केंद्र खुला है। परिसर में ही दवा भंडार के लिए अलग इमारत बनी है। यहां दवा, प्रचार सामग्री व रजिस्टर आदि रखने की व्यवस्था है। बुधवार सुबह करीब 8.45 पर दवा भंडार में आग लग गई। लोगों ने इमारत से धुआं उठते देखा तो इसकी जानकारी दमकल विभाग को दी। दमकल टीम ने आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। इमारत में कागज, रूई व प्लास्टिक की सिरिंज होने से कुछ ही देर में लपटें विकराल हो गईं।
धीरे-धीरे दमकल के छह वाहन मौके पर पहुंच गए। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान रूई, सिरिंज, सेनेटरी पैड, दवाओं के अलावा कई दस्तावेज राख हो गए। हादसे में कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन अभी तक विभाग नहीं कर पाया है। आग लगने से इमारत में कई स्थानों पर दरारें आ गईं हैं। इससे भवन के गिरने की आशंका बढ़ गई है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि आसपास के लोगों ने बताया है कि शाॅर्ट सर्किट की वजह से आग लगी है। लेकिन अभी इसकी जांच की जाएगी। सीएमओ हरिपाल सिंह ने बताया कि आग बुझाने को लेकर सारे इंतजाम मौजूद थे। लेकिन ताला पड़ा होने के कारण आग को नहीं बुझाया जा सका। कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन किया जा रहा है।
दमकलकर्मियों ने दिखाई सूझबूझ और बहादुरी, हुए जख्मी
दमकलकर्मियों ने सूझबूझ के साथ बहादुरी भी दिखाई। कई दमकल कर्मी जख्मी भी हो गए। दरअसल, आग बुझाने के चक्कर में कर्मी भवन के अंदर घुस गए। सेफ्टी वस्त्र पहनने के बावजूद उनके पैरों में कई सिरिंज लग गईं। मौके पर न तो नगर पालिका की टीम थी, न कोई अन्य सहायता। धुआं निकालने के लिए उन्हें खिड़कियों के शीशे भी तोड़ने पड़े। इस दौरान राम सिंह, शोभित, राहुल सिंह राणा चोटिल हो गए। जिनका इलाज किया गया। इमारत दो भागों में बंटी है। दूसरी ओर कई दवाइयां, मास्क व अन्य सामग्री रखी थीं। टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए इमारत के दूसरी तरफ से जाकर शटर पर पानी डालना शुरू कर दिया। ताकि आग दूसरी तरफ न पहुंचे।