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Sitapur News: लहरपुर के तत्कालीन एसडीएम व पांच अन्य पर एफआईआर

Mon, 20 Apr 2026 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। लहरपुर इलाके में वरासत के लिए एक व्यक्ति ने आधार व पैन कार्ड समेत आवश्यक दस्तावेजों में अपने पिता का नाम बदलवा लिया। जबकि स्कूली अभिलेखों में पिता का नाम सही दर्ज था। इस मामले में अदालत के आदेश पर लहरपुर पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार, तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार, एआरटीओ और आपूर्ति निरीक्षक व तत्कालीन प्रधान के विरुद्ध धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
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मामला करीब 25 साल पुराना है। बाराबंकी के बड्डूपुर थाना क्षेत्र के पकरियापुर मजरा बड़ागांव निवासी विनय कुमार ने न्यायालय से कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इस पर न्यायालय ने आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी किया। विनय के मुताबिक, उनकी मां रुक्मिणी देवी उर्फ अनीता लहरपुर क्षेत्र के गिरगिटपुर मजरा पूरनपुर निवासी सोहनलाल की बेटी हैं। सोहनलाल का 1972 में स्वर्गवास हो गया था। तब रुक्मिणी दो साल की थीं। सोहनलाल की मृत्यु के बाद रुक्मिणी देवी की मां राजेश्वरी देवी ने अपने सगे देवर ओमप्रकाश से दूसरी शादी कर ली थी। इसके बाद राजेश्वरी व ओमप्रकाश से 27 जुलाई 1976 को मनोज कुमार का जन्म हुआ। विनय के मुताबिक मनोज कुमार ने स्कूल-कॉलेज आदि में अपने पिता ओमप्रकाश का नाम दर्ज रखा, लेकिन बाद में बदनीयती से फर्जी दस्तावेजों के सहारे 1995 में उसने चकबंदी अधिकारी सीतापुर से राजस्व अभिलेखों में पिता का नाम सोहनलाल दर्ज करा लिया। इस फर्जीवाड़े में तत्कालीन ग्राम प्रधान ने भी मनोज की मदद की थी। वोटर लिस्ट में भी पिता का नाम सोहनलाल दर्ज करा लिया। आरोप है कि मनोज ने पिता के तौर पर सोहनलाल के नाम का इस्तेमाल करके डीएल, पहचान पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड व राशन कार्ड बनवा लिया। इसके बाद मनोज ने कूटरचित अभिलेखों के आधार पर लहरपुर के तत्कालीन एसडीएम से सामान्य निवास प्रमाणपत्र व तहसीलदार से आय प्रमाणपत्र भी बनवा लिया। मामले की जानकारी होने पर रुक्मिणी ने संबंधित अफसरों से 2020 में शिकायत करके प्रमाणपत्रों को निरस्त करने की मांग की। मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
विनय के मुताबिक, 2024 में उन्होंने मुख्य सचिव, डीजीपी, डीएम, एसपी से भी शिकायत दर्ज कराई, पर कोई नतीजा नहीं निकला। पीड़ित ने सीएम से भी गुहार लगाई, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद विनय ने न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय ने आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज करते हुए जांच के आदेश लहरपुर पुलिस को दिए। इस पर लहरपुर पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार, लहरपुर के तत्कालीन एसडीएम, तत्कालीन तहसीलदार, तत्कालीन एआरटीओ, तत्कालीन आपूर्ति निरीक्षक व तत्कालीन प्रधान के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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लहरपुर कोतवाल अरविंद कुमार ने बताया कि मामला काफी पुराना है। जांच के बाद ही सही तथ्य सामने आएंगे।
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