लालबाग बाजार में आभूषण खरीदते ग्राहक। संवाद
सीतापुर। अक्षय तृतीया पर्व रविवार को धूमधाम से मनाया गया। शाम के समय सराफा बाजार में चहल-पहल नजर आई। सराफा व्यवसायियों के अनुसार, सोने महंगा होने के कारण इस बार उम्मीद के मुताबिक बिक्री नहीं हुई। लोगों ने हल्के आभूषण खरीदकर पर्व मनाया। इस दिन बैंडबाजा बरात की धूम भी रही। जिलेभर में करीब 80 शादियां हुईं।
वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीय तिथि को अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाता है। इस पर्व का विशेष महत्व है। मां लक्ष्मी का दिन होने से अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सोना खरीदने से मां लक्ष्मी कृपा बरसाती है। रविवार को अच्छे कारोबार की उम्मीद लेकर व्यवसायी दुकानों पर पहुंचे। हालांकि, भीषण गर्मी के कारण दिन में ग्राहकों की आवाजाही बेहद कम रही। सूरज ढलने पर ग्राहकों की आमद शुरू हो गई। इससे शाम के समय सराफा बाजार में चहल-पहल नजर आई। इसके बावजूद उम्मीद के मुताबिक कारोबार नहीं हुआ।
व्यवसायी आशीष मेहरोत्रा ने बताया कि इस समय सोना काफी महंगा होने के चलते ग्राहकों ने खरीदारी में हाथ तंग रखा। व्यवसायी नीरज रस्तोगी ने बताया कि कान की झुमकियां, बाले, नथुनी जैसे छोटे व हल्के आभूषण ही अधिक बिके। अब सहालग में बिक्री होने की उम्मीद है। वहीं, इस दिन अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इसलिए शादी-विवाह भी खूब होते हैं। शहर में बैंड-बाजा, बरात की धूम रही। अनुमान के मुताबिक जिले में करीब 80 शादियां हुईं।