सीतापुर। मुफ्त में राशन लेने वाले कार्ड धारकों ने सरकार को ही एक साल में करीब 88 करोड़ का धान-गेहूं बेच दिया। आधार कार्ड के जरिये चौंकाने वाला खुलासा होने के बाद हड़कंप मच गया है। अब शासन ने इसकी जांच शुरू करा दी है। सत्यापन के बाद सही धनराशि का पता चल सकेगा। जिले में आई शासन की सूची का सत्यापन करने के बाद 2930 कार्डधारक ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने तीन लाख से अधिक का गेेहूं-धान सरकार को बेचा है। ऐसे में इन्हें अपात्र मानकर कार्रवाई की जा सकती है।
पूर्ति विभाग की ओर से अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड जारी किए गए हैं। इसके लिए पात्रता तय है। कार्ड धारकों को शासन फ्री में राशन उपलब्ध करा रहा है। कार्डधारकों के आधार कार्ड से शासन को पता चला 2930 ऐसे कार्ड धारक हैं, जिनके द्वारा एक साल में तीन लाख या इससे अधिक धनराशि का गेहूं, धान सरकारी तौल केंद्रों पर बेचा है। इसकी सूची स्टेट एनआईसी ने तैयार की।
जिसके आधार पर जिले को ब्लॉक और निकायवार संबंधित किसानों की सूची भेजी गई है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। कहा है इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि अपात्र होने के बाद भी कार्डधारकों की ओर से अनुचित लाभ उठाया जा रहा है। शासन के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी संजय कुमार प्रसाद ने सभी क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षकों को सूची में अंकित कार्ड धारकों की पात्रता का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। अपात्र पाए जाने पर संबंधित कार्डधारक का राशन कार्ड निरस्त करते हुए रिपोर्ट मांगी है।
तीन लाख से अधिक का राशन बेचने वाले
तहसील कार्डधारक
महोली 479
सिधौली 64
बिसवां 378
सीतापुर 390
लहरपुर 811
मिश्रिख 339
महमूदाबाद 376
133 शहरी काश्तकार ले रहे मुफ्त का राशन
निकाय क्षेत्रों में रहकर राशन कार्ड पर मुफ्त में राशन लेने वाले 133 काश्तकारों की पहचान हुई है। इनके द्वारा तीन लाख से अधिक की फसल सरकारी क्रय केन्द्रों पर बेची गई है। इसमें सर्वाधित सीतापुर शहर के 49, मिश्रिख के 35, महमूदाबाद के 18, तंबौर के 16, बिसवां के नौ, खैराबाद के तीन एवं लहरपुर, महोली, सिधौली के एक-एक काश्तकार हैं।
इसके अलावा जिले में पांच ऐसे टॉप फाइव ब्लॉक हैं, जहां पर तीन लाख या इससे अधिक का गेहूं-धान कार्ड धारकों ने बेच दिया है। बेहटा ब्लॉक के 573 कार्ड धारकों तीन लाख या इससे अधिक का गेहूं और धान बेचा है। पिसावां के 383 कार्डधारक, रेउसा ब्लॉक 293, मिश्रिख के 238, विकास खंड महमूदाबाद के 168 कार्डधारक हैं, जिन्होंने धान-गेंहू बेचा है।
सूची में गैर जिले के 38 लोग भी शामिल
शासन ने 2968 कार्डधारकों की सूची भेजी है, जिनके द्वारा तीन लाख या इससे अधिक धनराशि की फसल क्रय केन्द्रों पर बेची गई है। इसकी जांच करने पर 38 कार्डधारक लखनऊ, लखीमपुर, हरदोई, बहराइच व बाराबंकी आदि जिले के पाए गए हैं।
116 राशनकार्ड किए गए निरस्त
जरूरतमंदों का राशन लेने वाले राशन कार्डधारकों की जांच की जा रही है। 1191 राशन कार्ड का सत्यापन हो गया है। सत्यापन में अपात्र पाए तीन तहसीलों के 116 कार्ड निरस्त किए गए हैं। बाकी की जांच चल रही है। आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
तीन लाख आय वालों को पात्र गृहस्थी का कार्ड
तहसील सदर के पूर्ति निरीक्षक अवधेश पांडेय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख वार्षिक आमदनी एवं शहरी क्षेत्र में तीन लाख तक आमदनी वालों को पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड जारी करने का आदेश है। इससे अधिक आय वाले अपात्र की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने बताया कि तहसील क्षेत्र के 390 कार्डधारकों की सूची प्राप्त हुई है। जिनके द्वारा एक साल में तीन लाख या इससे अधिक का धान व गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचा है। अभी तक के सत्यापन में 101 कार्डधारक अपात्र पाए गए हैं।
शासन से उपलब्ध कराई गई सूची को संबंधित क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षकों को भेजी गई है। वह निर्धारित प्रारूप पर जांच रिपोर्ट भेज रहे हैं। नियमानुसार सत्यापन करते हुए अपात्र पाए जाने पर संबंधित कार्डधारक का राशन कार्ड निरस्त करते हुुए कार्रवाइ की आख्या मांगी गई है।
- संजय कुमार प्रसाद, जिला पूर्ति अधिकारी