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किसानों ने चार घंटे किया जल सत्याग्रह

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पिसावां क्षेत्र में हरदोई को जाने वाले मार्ग पर स्थित कुल्लहाघाट पुल के पास गोमती नदी में जल सत्य - फोटो : SITAPUR
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पिसांवा (सीतापुर)। पिसावां से हरदोई जिले के पिहानी जाने वाले जर्जर मार्ग पर पिछले एक माह में तीन किसानों की हुई मौत से मंगलवार को किसान भड़क उठे। कई बार जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग करने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकलने से किसानों के सब्र का बांध टूट गया। मंगलवार को भाकियू की अगुवाई में किसानों ने गोमती नदी में उतरकर जल सत्याग्रह शुरू किया।
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करीब चार घंटे बाद दोनों जिलों के अफसर मौके पर पहुंचे और जल सत्याग्रह कर रहे किसानों को सड़क दुरुस्त कराने का आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद किसान मान गए और नदी से बाहर निकल आए। पिसांवा क्षेत्र के चन्द्रा से हरदोई जिले के पिहानी तक मार्ग काफी समय से क्षतिग्रस्त है। पिछले एक माह में जर्जर सड़क की वजह से तीन किसानों की ट्रैक्टर पलटने से मौत हो चुकी है। किसानों की मौतों को लेकर हरदोई और सीतापुर प्रशासन को अवगत कराकर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की गई थी।
पत्र लिखा गया, लेकिन इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। कई बार मांग उठाने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकलने से मंगलवार को क्षेत्र के किसान नाराज हो गए। भाकियू अवध की अगुवाई में सैकड़ों की संख्या में किसान पिसावां ब्लॉक के गोमती नदी पर स्थित कुल्लहा पुल के पास दो जिलों की सीमाओं के बीच जल सत्याग्रह शुरू कर दिया।
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जल सत्याग्रह में शाहाबाद तहसील अध्यक्ष राहुल मिश्रा, हरदोई तहसील अध्यक्ष भोले सिंह, पिहानी ब्लाक अध्यक्ष अतुल दीक्षित, रफ्फन, वसीम खान, महोली तहसील अध्यक्ष हरिहर मास्टर, तहसील महासचिव अखिलेश पंजाबी, जिला उपाध्यक्ष अरुण शुक्ला, संगठन मंत्री संजीव शुक्ला, ओम प्रकाश गुप्ता, सौरभ तिवारी, दीपू जायसवाल, अनिल गौतम, रामौतार राठौर आदि किसान नेता मौजूद रहे।
हरदोई व सीतापुर प्रशासन को लिखा था पत्र
भाकियू के संगठन कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष श्यामू शुक्ला, प्रदेश महामंत्री ने बताया कि हरदोई-सीतापुर प्रशासन को सड़क बनवाने के लिए पत्र लिखा गया था, लेकिन इसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। कोई उचित जवाब और आश्वासन नहीं मिलने से संगठन ने हजारों किसानों के साथ पूर्व नियोजित जल सत्याग्रह शुरू किया।
उन्होंने बताया कि महोली से बरगावां होते हुए पिहानी-हरदोई जाने वाला मार्ग अधिक जर्जर है। महोली गन्ना समित का संपूर्ण गन्ना इसी मार्ग से हरियावां चीनी मिल को जाता है। बरगावां से लेकर पथरी बरगावां से बदनापुर, मूड़ाकला से मढ़ियाघाट जाने वाला मार्ग इतना जर्जर हो चुका है कि निकलना दूभर है।
तीन साल से सड़क दुरुस्त कराने की हो रही मांग
जर्जर सड़क पर आए दिन राहगीर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। संगठन कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष श्यामू ने बताया कि जहां एक तरफ सरकार बार-बार गड्ढामुक्त के दावे कर रही है, वहीं यह सड़क कई वर्षों से जर्जर है। फिर भी जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के उदासीन रवैये से सड़क नहीं बन सकी है। मार्ग को दुरुस्त करने के लिए तीन साल से लगातार ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई। बावजूद इसके कोई सुनवाई न होने पर किसानों को मजबूर होकर जल सत्याग्रह का रास्ता अख्तियार करना पड़ा।
एसडीएम के आश्वासन पर शांत हुए किसान
करीब चार घंटे तक जल सत्याग्रह चलने के बाद एसडीएम महोली पंकज प्रकाश राठौरा, नायब तहसीलदार हरदोई के शाहाबाद, एसओ पिसांवा कुंवर बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने सत्याग्रहियों को बताया कि सड़क का निर्माण कराया जाना स्वीकृत है। शीघ्र ही निर्माण कराया जाएगा। एसडीएम के आश्वासन के बाद लोग मान गए और जल सत्याग्रह खत्म कर दिया।
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