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आलों की चपेट में आए किसान की मौत

Tue, 15 Mar 2016 06:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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मौसम - फोटो : अमर उजाला
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अटरिया में सोमवार को अचानक ओलावृष्टि शुरू हो गई। आसमान से करीब 40 से 50 ग्राम के ओले गिरे। इसकी चपेट में आए एक वृद्ध किसान की मौत हो गई। वह पशुओं के लिए घास लेने खेत गया था। तहसीलदार ने पीड़ित परिवार को मदद का आश्वासन दिया है।
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थाना क्षेत्र के जानकी नगर निवासी रामासरे (62) का खेत क्षेत्र के सैदापुर गांव के निकट है। सोमवार को रामासरे जानवरों के लिए चारा लेेने खेत गया था। वहां घास काट रहा था कि उसी दौरान ओलावृष्टि होने लगी। इससे रामासरे खेत में ही गिर गया। शाम तक जब वह खेत से घर वापस नहीं पहुंचा, तब परिवार के सदस्य उसे तलाशते हुए खेत पहुंचे।

वहां परिवार ने रामासरे को मृत पाया। परिवार का कहना है कि ओला गिरने से लगी चोट के कारण रामासरे की मौत हुई है। क्षेत्र में 40 से 50 ग्राम वजन तक के ओला गिरे हैं। ये ओला किसी की जान लेने भर के लिए काफी हैं। तहसीलदार ने बताया कि मृतक के शरीर पर चोटों के निशान नहीं मिले हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
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बदले मौसम का मिजाज देख सोमवार को किसानों का कलेजा कांप उठा। सिधौली, संदना, कुतुबनगर, पिसावां सहित कई हिस्सों में सोमवार दोपहर तेज हवा के साथ बारिश हुई व ओले गिरे। खेतों में लगभग तैयार खड़ी गेहूं की फसल तेज हवा के साथ बारिश व ओले की मार से धराशाई हो गई है। सरसों व मसूर भी लुढ़क गई है।

जिन किसानों ने सरसों की फसल काट ली थी, भीगने से उसके दाने के सड़ने की आशंका पैदा हो गई है। हालांकि, बारिश व ओले गिरने का सिलसिला ज्यादा देर तक नहीं चला। पर मौसम की बेरुखी ने अन्नदाता की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

किसान प्रेम सिंह, रामजी शर्मा बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि से बुरी तरह घबरा उठे हैं। इनके मुताबिक मौसम की इस बेरुखी ने गेहूं को काफी नुकसान पहुंचाया है। खड़ी फसल गिरने से अब दाना के सड़ने का डर है। जबकि ओले गिरने से बाली टूटने पर उत्पादन घटने के आसार बन गए हैं। किसान राज बहादुर व ग्यारी ने बताया कि सरसों व मसूर को नुकसान पहुंचा है।

बारिश व ओलावृष्टि से करीब 20 फीसदी आम के बौर गिर गए हैं। आम के कारोबारी गोपाल ने बताया कि तेज हवा, बारिश व ओले पड़ने से काफी बौर गिर गया है। मौसम में नमी से दहिया सरीखे रोग बढ़ने की आशंका भी पैदा हो गई है।
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