सीतापुर। जिला अस्पताल में एक आठ माह के बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सीएमएस ने उनको समझाकर किसी तरह शांत कराया।
मछरेहटा विकासखंड के परसदा निवासी लाल बाबू अपने बेटे पवन कुमार (8 माह) को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। लाल बाबू का कहना है कि बच्चों को डायरिया की शिकायत थी। चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती करा दिया था। बच्चे को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही थी। कई बार चिकित्सकों से रेफर करने की गुहार लगाई लेकिन चिकित्सक ने नहीं सुनी। परिजनों का आरोप है कि एक इंजेक्शन लगाने के बाद मौत हो गई।
मौत के बाद परिजन भड़क गए। वह अस्पताल परिसर में हंगामा करने लगे। परिजनों का कहना था कि अगर समय से इलाज मिल जाता तो यह घटना न होती। प्रभारी सीएमएस डॉ. डीके गंगवार का कहना है कि बच्चे को डायरिया थी। उसको ग्लूकोज लगाकर बराबर इलाज दिया जा रहा था। ऑक्सीजन की अस्पताल में कोई कमी नहीं है। पाइपलाइन के जरिए सप्लाई हो रही है। बच्चे की स्वाभाविक मौत हुई है।