राशन या कन्वर्जन कास्ट का संकट बताकर मध्याह्न भोजन न बनवाना अब बीईओ व शिक्षकों को महंगा पड़ेगा। दैनिक अनुश्रवण प्रणाली (आईआरवीएस) में अगर एमडीएम न बनने की सूचना मिलती है तो अगले दिन वहां पर हर हाल में एमडीएम बनवाया जाएगा।
अगर दूसरे दिन भी नहीं बना तो बीईओ पर कार्रवाई की जाएगी। इसे लेकर डीएम ने निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी का कहना है कि मध्याह्न भोजन में करोड़ों रुपये हर माह खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद तमाम स्कूलों में एमडीएम न बनने की शिकायतें आती रहती हैं।
जबकि जिले में राशन व कन्वर्जन कास्ट पर्याप्त उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा ये लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एमडीएम की समीक्षा प्रणाली आईआरवीएस में अगर किसी विद्यालय में एमडीएम न बनने की सूचना आ रही है तो वहां पर अगले दिन हर हाल में एमडीएम बनवाया जाए।
शिकायत मिलने पर संबंधित खंड शिक्षाधिकारी वहां के कारणों का पता लगाएंगे। व्यवस्थाओं को उसी दिन दुरुस्त कर भोजन बनवाएंगे। अगर यह पुनरावृत्ति दूसरे दिन भी हुई तो शिक्षक व बीईओ के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके अलावा विद्यालय में उपभोग की सूचना हर माह की तीन तारीख को भेजी जाएगी। बीएसए संजीव सिंह ने बताया कि निर्देशों का पालन किया जाएगा।